आमेट के वार्ड 22 में टूटा नाला और जलभराव बना संकट, शिविर में फूटा गुस्सा; ज्ञापन के दौरान बुजुर्ग महिला बेहोश
आमेट के वार्ड 22 में टूटा नाला, जलभराव और सफाई व्यवस्था से नाराज लोगों ने शहरी सेवा शिविर में ज्ञापन सौंपा। सुनवाई के बीच 73 वर्षीय महिला बेहोश हो गई।
तस्वीर में आमेट के शहरी सेवा शिविर के दौरान वार्ड संख्या 22 के निवासी और महिलाएं नगर पालिका अधिकारी को अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं।
आमेट नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 22 के रहवासियों का वर्षों से चली आ रही समस्याओं को लेकर गुस्सा राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविर में खुलकर सामने आया। वार्डवासियों ने शिविर प्रभारी एवं नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर टूटा नाला दुरुस्त कराने, जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग की। उनका आरोप था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है और शहरी सेवा शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि भीलवाड़ा रोड स्थित रामद्वारा के पास सड़क क्रॉसिंग पर बना नाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके कारण पानी की निकासी बंद हो गई है और नालों-नालियों में लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना है कि पानी भरने से आसपास के मकानों की नींव कमजोर हो रही है। कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं और मकानों के गिरने से जनहानि की आशंका बनी हुई है। लोगों ने बताया कि इस संबंध में नगर पालिका और 181 शिकायत पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के शहरी सेवा शिविरों में केवल शिकायतें ली जा रही हैं, जबकि धरातल पर समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
इसी दौरान ज्ञापन देने पहुंचीं 73 वर्षीय सुंदर बाई नगर पालिका द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने की बात बताते-बताते भावुक हो गईं। बातचीत के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। शिविर में मौजूद चिकित्सा विभाग के कार्मिकों ने तत्काल उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
वार्डवासी हिम्मत सिंह पुत्र केसर सिंह ने भी अपनी समस्या रखते हुए बताया कि पोबाग क्षेत्र में नगर का गंदा पानी निकालने वाला नाला आगे खेत मालिकों द्वारा बंद कर दिया गया है। इससे उनके कुएं के पास गंदा पानी भर जाता है और कुएं का जल दूषित हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से लगातार नगर पालिका में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन दस वर्ष बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
वार्डवासियों ने मांग की कि शहरी सेवा शिविरों को केवल खानापूर्ति तक सीमित न रखकर समस्याओं का मौके पर निराकरण कराया जाए, ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके। ज्ञापन के दौरान समाजसेवी नारायण सिंह भाटी, सुंदर बाई, लक्ष्मीनारायण पालीवाल, हिम्मत सिंह, रेखा गुर्जर, राधेश्याम जोशी, शंकरदास वैष्णव, मोहनलाल टेलर, मीना सुथार, लता सुथार, लक्ष्मी सुथार, कमलेश सुथार, जयक सैन सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।