तस्वीर में बाएं से हर्षदा जाधव-देशमुख और दाएं में महाविकास आघाड़ी के कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद अन्य महिला नेता नजर आ रही हैं, जो पुणे स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव प्रचार से जुड़ी हैं।

पुणे स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील की प्रमुख उपस्थिति में महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों के प्रचार अभियान का शुभारंभ हुआ। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महायुति पर निशाना साधते हुए अपने उम्मीदवारों की जीत का भरोसा जताया। महाविकास आघाड़ी ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से हर्षदा जाधव-देशमुख और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जयंत आसगांवकर को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।

सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार ने हर्षदा जाधव-देशमुख की प्रशंसा की और मतदाताओं से उन्हें विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर्षदा जाधव-देशमुख का शिक्षण संस्थानों और सामाजिक क्षेत्र में बड़ा योगदान है। उनके पिता भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी थे, जबकि उनके ससुर शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हैं। इस तरह उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी मजबूत है।

शरद पवार ने कहा कि हर्षदा ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किया है। स्नातकों की लंबित समस्याओं को हल करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए विधान परिषद में ऐसे अध्ययनशील प्रतिनिधि की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि हर्षदा जाधव-देशमुख इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं।

इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने अपने भाषण में भाजपा और महायुति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने उम्मीदवारों की कार्यशैली और भाषण क्षमता का उल्लेख करते हुए विपक्षी उम्मीदवारों को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी। जयंत पाटील ने कहा, "हमारे उम्मीदवार की भाषण शैली और काम करने का तरीका बेहतरीन है। मैं चुनौती देता हूं कि शनिवारवाड़ा पर बहस आयोजित करें और वहां उम्मीदवारों के बोर्ड लगाएं। जनता के सामने स्पष्ट हो जाने दें कि सामने वाले दल के उम्मीदवारों की क्या योग्यता है। यही हमारा असली प्रचार होगा।"

जयंत पाटील ने भाजपा की ओर से पर्यवेक्षकों की सूची जारी किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने पर्यवेक्षक उन बूथों पर नियुक्त किए हैं, जहां अजित पवार और एकनाथ शिंदे के विधायक हैं। उनके मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि भाजपा को अपने ही सहयोगियों पर भरोसा नहीं है। इस बयान के जरिए उन्होंने महायुति के भीतर विश्वास को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

भाजपा के साथ जाने वाले शरद लाड की नाराजगी की चर्चाओं का जिक्र करते हुए जयंत पाटील ने कहा कि टिकट मिलने की उम्मीद में उनके यहां से कुछ उम्मीदवार दूसरी ओर गए हैं, लेकिन अब वहां उनकी स्थिति ऐसी दिखाई दे रही है कि वे पूरी तरह असमंजस में पड़ गए हैं। उन्होंने इस घटनाक्रम को भी अपने राजनीतिक हमले का हिस्सा बनाया।

जयंत पाटील ने पिछला चुनाव याद दिलाते हुए कहा कि उस समय भी महाविकास आघाड़ी के दोनों उम्मीदवार निर्वाचित हुए थे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार जयंत आसगांवकर और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख को मतदाताओं का मजबूत समर्थन मिलेगा।

महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने दावा किया कि देश में बदलाव की हवा चल रही है और इस चुनाव में शिक्षक तथा स्नातक मतदाता भाजपा को उचित जवाब देंगे। पुणे विभाग के दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों के प्रचार अभियान की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शनिवारवाड़ा में बहस की चुनौती और भाजपा के पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर उठाए गए सवालों ने चुनावी प्रचार को नया राजनीतिक मुद्दा दे दिया है।

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