छोटीसादड़ी में पंचायतीराज चुनाव: सुबह से बूथों पर उमड़ी भीड़, नेताओं ने संभाली मतदान की निगरानी
प्रतापगढ़ जिले में पंचायतीराज चुनाव-2026 के तृतीय चरण का मतदान जारी है। छोटीसादड़ी, धरियावद, धमोत्तर और दलोट में सुबह से बूथों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ी। पूर्व प्रधान मनोहरलाल आंजना और भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत चुनावी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
प्रतापगढ़ में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण में मतदान के लिए मतदाताओं में उत्साह दिखा।
प्रतापगढ़ जिले में पंचायतीराज चुनाव-2026 के तहत तृतीय चरण का मतदान मंगलवार को उत्साह और जोश के साथ जारी है। सुबह मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लग गईं। लोकतंत्र के इस महापर्व में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, गांव-गांव स्थित मतदान केंद्रों पर चुनावी गतिविधियों की निगरानी के लिए नेताओं की सक्रियता भी देखने को मिल रही है।
जिले की चार पंचायत समितियों छोटीसादड़ी, धरियावद, धमोत्तर और दलोट में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर गांवों के विकास और स्थानीय नेतृत्व के चयन में भागीदारी निभा रहे हैं।
छोटीसादड़ी उपखंड क्षेत्र में सुबह से ही चुनावी गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रधान मनोहरलाल आंजना और भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के मतदान केंद्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। दोनों नेता अपने-अपने स्तर पर प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से संपर्क कर मतदान की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। इसके साथ ही वे प्रत्याशियों और मतदाताओं का उत्साह भी बढ़ाते नजर आ रहे हैं।
मतदान प्रक्रिया को भयमुक्त, निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर शुभम चौधरी ने मतदाताओं से अधिकाधिक संख्या में मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की है। उन्होंने मतदान दलों को राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रतापगढ़ जिले की चार पंचायत समितियों में जारी मतदान के बीच प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा और नेताओं की सक्रिय निगरानी के साथ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति के प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।