छोटी सादड़ी: सरदार पटेल जयंती पर पाटीदार समाज ने की गौसेवा
पाटीदार समाज और युवा संगठन ने गौशाला में गोवंश को पशु आहार भेंट कर पौधारोपण किया और हूरा बा का अभिनंदन किया।
छोटी सादड़ी में सरदार पटेल जयंती पर पाटीदार समाज के सदस्यों ने तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
छोटी सादड़ी में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर पाटीदार समाज और पाटीदार युवा संगठन ने गौसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण के जरिए सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश की। इस अवसर पर गौमाता को गुड़ खिलाया गया और गौशाला में गोवंश के पोषण के लिए पौष्टिक पशु आहार के 15 कट्टे भेंट किए गए। साथ ही पौधारोपण कर पौधों को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान गौसेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाली हूरा बा का स्वागत एवं अभिनंदन भी किया गया।
पटेल जयंती के अवसर पर समाज के पदाधिकारी और युवा हूरा बा की गौशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश की सेवा करते हुए गायों को गुड़ खिलाया तथा गौशाला प्रबंधन को पौष्टिक पशु आहार के 15 कट्टे सौंपे। समाजजनों ने आग्रह किया कि पशु आहार का उपयोग केवल दुधारू गायों तक सीमित न रखते हुए कमजोर एवं जरूरतमंद गोवंश के पोषण के लिए भी किया जाए, ताकि गौशाला में मौजूद सभी गायों को पर्याप्त आहार मिल सके।
कार्यक्रम के तहत समाजजनों और युवा संगठन के सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
गौसेवा में जीवन समर्पित करने वाली हूरा बा का सम्मान
गौशाला में गौसेवा के कार्यों का अवलोकन करने के दौरान समाज के युवाओं ने गौशाला संचालक हूरा बा से मुलाकात की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका पूरा जीवन गौमाता की सेवा के लिए समर्पित है और वे आज भी पूरी निष्ठा एवं सेवाभाव से गोवंश की सेवा में जुटी हुई हैं।
हूरा बा के निस्वार्थ सेवाभाव और समर्पण से प्रभावित समाज के युवाओं ने उनके कार्यों की सराहना की। समाज के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत कर अभिनंदन किया। वक्ताओं ने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के बेजुबान गोवंश की सेवा करना मानवता का श्रेष्ठ उदाहरण है। हूरा बा जैसी सेवाभावी महिलाएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
गौसेवा कार्यक्रम के बाद गौशाला परिसर में भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीर के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र के प्रति उनके योगदान, अद्भुत नेतृत्व क्षमता और देश की एकता एवं अखंडता के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व के बल पर देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। देश आज जिस एकता और अखंडता के साथ आगे बढ़ रहा है, उसमें उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
पाटीदार समाज संगठन के तहसील अध्यक्ष कारू लाल पाटीदार ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का दिन है। जिस प्रकार उन्होंने देश को एकता के सूत्र में पिरोया, उसी प्रकार समाज को भी आपसी भाईचारे, सहयोग, संगठन और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
पाटीदार युवा संगठन के तहसील अध्यक्ष सुभाष पाटीदार ने कहा कि जयंती और उत्सव तभी सार्थक होते हैं, जब उनके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव आए। गौसेवा केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बनना चाहिए। इसी तरह पौधारोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौशालाओं में सहयोग करने और बेजुबान गोवंश की सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
समाज के गणमान्यजन और युवा रहे मौजूद
इस अवसर पर पाटीदार समाज संगठन के तहसील अध्यक्ष कारू लाल पाटीदार, पाटीदार युवा संगठन के तहसील अध्यक्ष सुभाष पाटीदार, छोटी सादड़ी नगर अध्यक्ष भूपेंद्र पाटीदार, समाज संगठन तहसील उपाध्यक्ष महेश पाटीदार (हड़मतिया कुंडाल), डॉ. ननमुन पाटीदार (गोमाना), हरीश पाटीदार, पर्वत पाटीदार, राजमल पाटीदार, मुकेश पाटीदार, पवन पाटीदार (गोमाना), राजकुमार पाटीदार, हेमंत पाटीदार (छोटी सादड़ी), डॉ. विकास पाटीदार (गंगाखेड़ी), विजेश पाटीदार, विक्रम पाटीदार (छोटी सादड़ी), राकेश पाटीदार (कारुण्डा) और किशोर पाटीदार (कारुण्डा) सहित समाज के अनेक गणमान्यजन एवं युवा उपस्थित रहे।
पाटीदार समाज और युवा संगठन ने गौसेवा, पौधारोपण तथा सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने के कार्यक्रमों के माध्यम से जयंती को सेवा एवं सामाजिक सरोकारों से जोड़ा। आयोजन में एकता, जीवदया, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।