छोटी सादड़ी के पार्क में स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल की नई प्रतिमा का अनावरण किया गया।

छोटी सादड़ी में स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधायक जयचंद मोहिल की स्मृतियों को अक्षुण्ण रखने के लिए बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल पार्क में उनकी नई प्रतिमा स्थापित कर अनावरण किया गया। पुरानी और क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर स्थापित नई प्रतिमा के अनावरण के दौरान जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस पदाधिकारियों, मोहिल परिवार के सदस्यों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा को याद किया।

जयचंद मोहिल के सुपुत्र प्रेम उर्फ राजू मोहिल ने बताया कि पार्क में लगी पुरानी प्रतिमा लंबे समय से जर्जर और खंडित अवस्था में थी। इसे देखते हुए प्रतिमा का जीर्णोद्धार करवाने के साथ उसके स्थान पर नई प्रतिमा स्थापित करवाई गई है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल के त्याग, संघर्ष और देशभक्ति से प्रेरित करना है।

नई प्रतिमा का अनावरण पूर्व केबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना के प्रतिनिधि एवं नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमृतलाल बंडी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल शर्मा, वार्ड पार्षद भरत खटीक, अजय कुमार यादव, भेरू मोहिल, पूर्व पार्षद मनीष उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में किया गया।

अंग्रेजी हुकूमत की अमानवीय यातनाएं भी नहीं तोड़ सकीं हौसला

अनावरण समारोह में नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमृतलाल बंडी ने स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जयचंद मोहिल सादगीपूर्ण जीवन, सरल स्वभाव और अदम्य देशभक्ति के प्रतीक थे। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के दौरान उन्हें अनेक यातनाएं सहनी पड़ीं। अंग्रेजों ने उन्हें जेल में बंद कर उनकी आंखों को गर्म सलाखों से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बावजूद इतनी अमानवीय यातनाएं भी उनके हौसले और देशप्रेम को डिगा नहीं सकीं। उनका जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है।

बंडी ने बताया कि पूर्व केबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना के प्रयासों से छोटी सादड़ी में करीब छह करोड़ रुपए की लागत से नवीन अस्पताल का निर्माण करवाया गया। स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल के योगदान को सम्मान देते हुए राजकीय चिकित्सालय का नाम जयचंद मोहिल रेफरल अस्पताल रखा गया। यह नामकरण नगरवासियों की ओर से उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।

दो बार राजस्थान विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे जयचंद मोहिल

बंडी ने बताया कि देश की आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री कार्यकाल में जयचंद मोहिल राजस्थान विधानसभा के लिए दो बार विधायक निर्वाचित हुए थे। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने से लेकर जनसेवा तक उनका जीवन संघर्ष और समर्पण की प्रेरणादायक गाथा रहा। उनकी नई प्रतिमा की स्थापना न केवल उनके योगदान को नमन करने का अवसर है, बल्कि युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करने का माध्यम भी बनेगी।

इस अवसर पर रामप्रसाद कल्याण, गोविन्द तेली, भीमा चाय, रामभगत और अशोक मेनारिया सहित मोहिल परिवार के पुखराज मोहिल, लोकबंधु मोहिल, विक्रम मोहिल, खुश मोहिल, गगन मोहिल, यशवंत मोहिल, मोहित मोहिल तथा इंदिरा बाई मोहिल, कौशल्या बाई, कंचन बाई, कुसुम मोहिल और यशोदा देवी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। नई प्रतिमा की स्थापना के साथ छोटी सादड़ी में स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रसेवा की स्मृतियों को फिर से सम्मानपूर्वक संजोया गया।

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