तस्वीर में प्रियंका कक्कड़ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माइक के सामने बोलती दिख रही हैं।   

नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं प्रियंका कक्कड़ ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। कांग्रेस में शामिल होने के बाद कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की वजह भी बताई और पार्टी के कामकाज को लेकर कई सवाल उठाए।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि वह ऐसी चीजों का लंबे समय तक बचाव नहीं कर सकतीं, जिन्हें वह बचाव के योग्य नहीं मानतीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने शुरुआत में बंगला और गाड़ी जैसी सुविधाएं नहीं लेने की बात कही थी, लेकिन बाद में निजी चॉपर से यात्रा किए जाने लगा। कक्कड़ ने इसी संदर्भ में कहा कि वह इसका बचाव कब तक करतीं।

प्रियंका कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी के संगठन और पदों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक समय कई बुद्धिमान लोगों को आकर्षित किया था, लेकिन बाद में उन्हें बरकरार नहीं रख सकी। उनका आरोप था कि ऐसे लोगों को राजस्थान से पंजाब में बड़े पद और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, जिन्होंने बूथ स्तर पर भी काम नहीं किया था।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद कक्कड़ ने दिल्ली को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह ऐसी दिल्ली चाहती हैं, जिसमें वह बड़ी हुईं—हरी, साफ-सुथरी, प्रगतिशील और सुरक्षित। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में एक दशक से अधिक के अनुभव के बाद उनका विश्वास है कि कांग्रेस ऐसा कर सकती है।

कक्कड़ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में यदि कोई नेता वास्तविक रूप से अपनी बात रखता है और अपनी बात कहने से डरता नहीं है तो वह राहुल गांधी हैं। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का भी उल्लेख किया और मतदान के अधिकार तथा निर्वाचन संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने रखने की जरूरत बताई।

प्रियंका कक्कड़ वर्ष 2023 में आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त हुई थीं। उन्होंने 2013 में अरविंद केजरीवाल से प्रभावित होकर आम आदमी पार्टी से जुड़ने की शुरुआत की थी और संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाली थीं। पार्टी की ओर से साझा की गई उनकी प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 2017 से 2019 तक तेलंगाना की ऑब्जर्वर के रूप में काम किया। इसके बाद वह दक्षिण दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की लीगल हेड रहीं और राघव चड्ढा के लोकसभा चुनाव अभियान में भी भूमिका निभाई।

वर्ष 2021 से 2023 तक कक्कड़ ने राज्यसभा सदस्य संजय सिंह की सलाहकार के रूप में काम किया। वह उत्तर प्रदेश की लीगल ऑब्जर्वर भी रहीं और राज्य के संगठन के लिए गठित 12 सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी का हिस्सा थीं। कक्कड़ ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से कानून में मास्टर डिग्री हासिल की है और 17 वर्षों से वकालत कर रही हैं।

प्रियंका कक्कड़ के AAP से कांग्रेस में जाने के बाद दिल्ली की राजनीति में दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियों के बीच यह घटनाक्रम चर्चा में आ गया है। कक्कड़ का पार्टी बदलने के साथ ही आम आदमी पार्टी के कामकाज और अपने राजनीतिक रुख को लेकर दिया गया बयान इस पूरे घटनाक्रम का प्रमुख पक्ष बनकर सामने आया है।