मेघालय की राजनीति में बुधवार, 23 सितंबर को बड़ा बदलाव हुआ, जब यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायक औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इस दल-बदल के बाद 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में भाजपा की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई और वह नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के 33 विधायकों के बाद सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।

BJP में शामिल होने वाले आठ विधायकों में Lahkmen Rymbui, Pius Marwein, Kyrmen Shylla, Mayralborn Syiem, Matthew Kurbah, Ollan Singh Suin, Balajied Kupar Synrem और Synshar Lyngdoh Thabah शामिल हैं। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इन विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Sambit Patra समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।

आठ विधायकों के भाजपा में जाने के बाद UDP की विधानसभा में संख्या 12 से घटकर चार रह गई। इस बदलाव से मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा में दलों का संख्याबल बदल गया है और भाजपा अब NPP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। BJP और UDP दोनों NPP के नेतृत्व वाले Meghalaya Democratic Alliance का हिस्सा हैं।

विधायकों के भाजपा में शामिल होने से पहले मेघालय से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी। इनमें Khasi और Garo भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, कोयला खनन से जुड़े नियम, Meghalaya Residents Safety and Security Act और Harijan Colony को स्थानांतरित करने का मुद्दा शामिल था।

भाजपा नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत किया। Kiren Rijiju ने कहा कि विधायकों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में पूर्वोत्तर और मेघालय में हुए विकास से प्रभावित होकर भाजपा का रुख किया है। Sambit Patra ने भी आठ विधायकों के पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी और बताया कि उनके साथ बातचीत चल रही थी।

इस राजनीतिक बदलाव से मेघालय में सत्तारूढ़ Meghalaya Democratic Alliance के भीतर विधानसभा का संख्याबल और राजनीतिक समीकरण बदल गया है। यह घटनाक्रम 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में भाजपा की विधानसभा मौजूदगी को 10 विधायकों तक पहुंचाता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस बदलाव से तत्काल सरकार की स्थिरता पर कोई जोखिम नहीं बताया गया है।