SIR विवाद: चुनाव आयोग की सफाई के बाद राहुल गांधी से माफी की मांग
विशेष गहन पुनरीक्षण पर चुनाव आयोग के सर्वसम्मति के दावे के बाद बीजेपी हमलावर है, वहीं कांग्रेस CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी है।
तस्वीर में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबोधित करते हुए।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए देश की जनता से माफी मांगने की मांग की है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस लगातार यह आरोप लगा रही थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले फैसले ले रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। चुनाव आयोग की ओर से 26 सितंबर को जारी स्पष्टीकरण के बाद SIR की प्रक्रिया और तीनों चुनाव आयुक्तों की भूमिका को लेकर स्थिति सामने रखी गई।
सरमा का कहना है कि चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया, तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति और कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक से जुड़े तथ्यों को बिंदुवार स्पष्ट किया है। इसी के आधार पर उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से देश की जनता से माफी मांगने को कहा।
SIR को लेकर चुनाव आयोग की सफाई के बाद एनडीए नेताओं ने आयोग के बयान का स्वागत किया, जबकि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि निर्वाचन आयोग का बयान अस्पष्ट है और इससे चुनाव निकाय के इरादे, ईमानदारी, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता को लेकर सवाल और बढ़ते हैं।
इस पूरे विवाद के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी राहुल गांधी से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े हर फैसले पूरे आयोग ने एकमत से लिए थे।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग की हालिया सफाई को कमजोर और देर से आया स्पष्टीकरण बताया तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस तरह SIR को लेकर चुनाव आयोग की सफाई के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज हो गया है।