तस्वीर में जिला कलक्ट्रेट ब्यावर के सभा कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के दौरान अधिकारी नजर आ रहे हैं।

ब्यावर, 19 सितम्बर। विकसित भारत–जन सेवा अभियान-2026 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने तथा लंबित प्रकरणों एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिले की सभी पांच पंचायत समितियों में 19 से 25 सितम्बर तक ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विशेष जनसेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।

शिविरों की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए जिला कलक्टर कमल राम मीना ने शनिवार को जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक आवश्यक दस्तावेजों और सूचनाओं के साथ उपस्थित रहें तथा आमजन की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें।

जिला कलक्टर ने कहा कि सेवा सेतु शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और शिविरों को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाएं।

शिविरों में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशुपालन, ऊर्जा, कृषि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास, श्रम, जल संसाधन, परिवहन, सहकारिता, शिक्षा, सैनिक कल्याण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों की सहभागिता रहेगी।

जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों और प्रकरणों का अधिकतम निस्तारण मौके पर ही किया जाए। जिन प्रकरणों में अतिरिक्त दस्तावेज या प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं आवश्यक हों, उनकी पूर्व तैयारी कर प्रकरणों को शिविर में अंतिम निस्तारण के लिए प्रस्तुत किया जाए। शिविरों में शामिल नहीं होने वाले विभागों से संबंधित शिकायतों को अलग से दर्ज कर संबंधित विभाग को भेजने और उनके निस्तारण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

शिविरों में राजस्व अभिलेख एवं खातों के शुद्धीकरण, आपसी सहमति से खातों के विभाजन, रास्ते एवं नामांतरण संबंधी प्रकरणों, सरकारी, चारागाह एवं विभागीय भूमि से संबंधित मामलों, भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटन, गैर खातेदारी से खातेदारी अधिकार, सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी तथा आबादी विस्तार के लिए राजकीय भूमि आवंटन अथवा आरक्षण जैसे प्रकरणों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण-पत्र तथा फार्मर रजिस्ट्री संबंधी कार्य भी किए जाएंगे।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जांच, महिलाओं की विभिन्न स्वास्थ्य जांच, बच्चों का टीकाकरण, एनसीडी एवं टीबी स्क्रीनिंग सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पात्र लाभार्थियों के पीएमजेएवाई कार्ड बनाने एवं वितरण की कार्रवाई भी की जाएगी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, पालनहार योजना में नामांकन एवं नवीनीकरण, यूडीआईडी कार्ड संबंधी आवेदनों का निस्तारण, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से संबंधित आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाड़ो प्रोत्साहन योजना, कालीबाई भील महिला संबल उड़ान योजना, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, राजस्थान कौशल सामर्थ्य योजना, शिक्षा सेतु योजना एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत आपूर्ति, खराब मीटर, ट्रांसफार्मर, झूलते तार एवं खंभों, बिजली बिल, मांगपत्र एवं लोड संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। पीएम-सूर्यघर योजना की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जाएगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल विभाग द्वारा हैंडपंप मरम्मत, पेयजल गुणवत्ता जांच, पाइपलाइन लीकेज सहित पेयजल संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 से 25 सितम्बर तक पंचायत समिति जवाजा, मसूदा, रायपुर, जैतारण एवं बदनौर में विशेष जनसेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक अथवा कार्य समाप्ति तक किया जाएगा। पंचायत समिति स्तर पर संबंधित विकास अधिकारी को शिविर प्रभारी बनाया गया है।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं, लंबित प्रकरणों एवं पात्रता से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित शिविरों में उपस्थित होकर अभियान का लाभ उठाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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