तस्वीर में ब्यावर के एक स्कूल परिसर में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर के दौरान मंच पर बैठीं न्यायिक अधिकारी माइक पर छात्राओं को संबोधित कर रही हैं, जबकि सामने मैदान में दर्जनों छात्राएं बैठकर उन्हें सुन रही हैं।

ब्यावर, 01 सितम्बर। अजनबियों के बहकावे, प्रलोभन और दबाव से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर की ओर से जिले के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), ब्यावर के निर्देशानुसार ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे अभियान की निरंतरता में आयोजित इन शिविरों का मुख्य विषय “अजनबियों से सावधान - मना करो, दूर जाओ, बताओ” रहा।

सोनल पारीख, सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर ने खरवा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस दौरान विद्यार्थियों को किसी भी अपरिचित व्यक्ति के बहकावे, प्रलोभन अथवा दबाव में नहीं आने के लिए प्रेरित किया गया। ऐसी स्थिति में स्पष्ट रूप से “मना” करना, वहां से “दूर” चले जाना तथा तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को “बताने” की आदत विकसित करने पर जोर दिया गया।

अभियान के तहत विकास सिंह चौधरी, अपर जिला न्यायाधीश संख्या-1, ब्यावर ने आदर्श विद्या मंदिर, ब्यावर में, गिरिजा भारद्वाज, अपर जिला न्यायाधीश संख्या-2 ने चिमन सिंह लोढ़ा उच्च माध्यमिक विद्यालय में, विजय प्रकाश सोनी, अपर जिला न्यायाधीश संख्या-3 ने सेंट जेवियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तथा श्रीमती अनिता शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, ब्यावर ने जीडीए स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए।

प्रवीण चौहान, अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सं.1 ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पाखरीयावास में तथा पंकज सांखला, अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सं.3 ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अमरपुरा में शिविर आयोजित किया। वहीं न्यायिक मजिस्ट्रेटगण राघवेन्द्र दाधीच, श्रीमती लक्ष्या वाधवा, सुषमा जाखड़, अमन तेंगुरिया तथा हर्षित शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्र में स्थित विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए।

शिविरों में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सीमाओं, असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान तथा सहायता प्राप्त करने और रिपोर्टिंग के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अजनबी से साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन माध्यमों पर अनजान व्यक्तियों से सावधानी बरतने के लिए भी प्रेरित किया गया।

इस दौरान बाल अधिकार, बाल संरक्षण, पोक्सो अधिनियम-2012, बाल दुर्व्यवहार से बचाव एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। माता-पिता एवं शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बच्चों से निरंतर संवाद बनाए रखने, उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनने तथा किसी असुरक्षित स्थिति में तत्काल सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नालसा हेल्पलाइन 15100, महिला हेल्पलाइन 181 एवं पुलिस सहायता नम्बर 100 एवं 112 की जानकारी भी दी गई। विद्यालयों में आयोजित इन विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से बच्चों को अजनबियों से सतर्क रहने, असुरक्षित परिस्थितियों को पहचानने और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता व रिपोर्टिंग करने के प्रति जागरूक किया गया।ब्यावर में विधिक जागरूकता शिविर: बच्चों को सिखाया सुरक्षित रहने का मंत्र

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