नेहरू विज्ञान केंद्र-नेहरू तारामंडल फ्लाईओवर का काम 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने के निर्देश
मुंबई के वरली में नेहरू विज्ञान केंद्र से नेहरू तारामंडल फ्लाईओवर और सब-वे का काम अंतिम चरण में है। बीएमसी ने 31 जनवरी 2027 तक निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। फ्लाईओवर से यात्रा समय में करीब 15 मिनट की बचत होगी।
तस्वीर में बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर और अन्य अधिकारी मुंबई के वरली में नेहरू विज्ञान केंद्र के पास फ्लाईओवर परियोजना स्थल का निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।
मुंबई के वरली इलाके में यातायात को सुगम बनाने के लिए बीएमसी द्वारा बनाए जा रहे नेहरू विज्ञान केंद्र से नेहरू तारामंडल फ्लाईओवर और सब-वे प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को परियोजना स्थल का दौरा कर निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों तथा ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 31 जनवरी 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इस फ्लाईओवर के शुरू होने से वरली नाका और आसपास के इलाकों में लगने वाले भारी यातायात जाम से वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में इस मार्ग से जाने वाले वाहनों को आचार्य अत्रे चौक यानी वरली नाका से लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। नया फ्लाईओवर शुरू होने के बाद वाहन चालकों के यात्रा समय में करीब 15 मिनट की बचत होगी। यह पुल ई. मोज़ेस रोड से सीधे एनी बेसेंट रोड और तटीय सड़क तक जाने के लिए आसान मार्ग उपलब्ध कराएगा।
लोअर परेल, महालक्ष्मी और करी रोड की ओर से आने वाले वाहन भी इस पुल का सीधे इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे यात्रा में समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मुख्य खंभों, पाइल कैप और गर्डर बनाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। कुल 14 में से 13 पोर्टल बीम और 18 में से 9 गर्डर स्पैन स्थापित किए जा चुके हैं। डेक स्लैब के कंक्रीट का काम भी तेजी से जारी है।
अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने मुख्य अभियंता राजेश मुले और उनकी टीम को यातायात पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर फ्लाईओवर का निर्माण पूरा कर उसे जनता के लिए शुरू किया जा सके।