मुंबई। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों में इस समय 13 लाख 94 हजार मिलियन लीटर यानी 96.37 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है। इसके बावजूद आने वाले समय में मुंबईकरों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा या नहीं, यह वर्तमान में लागू पानी कटौती के फैसले पर निर्भर करेगा। बीएमसी प्रशासन ने स्थायी समिति की बैठक में बताया कि 10 प्रतिशत पानी कटौती आगे भी जारी रखने पर झीलों में उपलब्ध पानी 21 जुलाई 2027 तक चलेगा। वहीं, पानी कटौती पूरी तरह वापस लेने पर झीलों का पानी 20 मई 2027 तक ही खत्म हो जाएगा।

मुंबई शहर को प्रतिदिन लगभग 4,600 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। बीएमसी के जल अभियंता विभाग के अनुसार पाइपलाइनों में रिसाव, पानी की चोरी और वाष्पीकरण के कारण झीलों से प्रतिदिन करीब 5,678 मिलियन लीटर पानी कम हो जाता है। बीएमसी ने स्वीकार किया है कि मुंबई में हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों में गड़बड़ी के चलते लगभग 34 प्रतिशत पानी बेकार चला जाता है।

बीते आठ महीनों में पानी के रिसाव से संबंधित 17 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा हजारों अवैध पानी कनेक्शनों पर कार्रवाई की गई है। स्थायी समिति की बैठक में सभी पार्टियों के नगरसेवकों ने बीएमसी प्रशासन से पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की और प्रशासन से जुड़े सवाल भी उठाए।

अतिरिक्त बीएमसी आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा कि जब तक नए बड़े प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो जाते, तब तक पानी की बचत करना और पाइपलाइनों की मरम्मत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी कटौती हटाने या उसे बनाए रखने का अंतिम फैसला मौसम और झीलों में पानी के स्तर की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।

इस तरह मौजूदा 96.37 प्रतिशत जल भंडार के बावजूद पानी की उपलब्धता को लेकर बीएमसी ने कटौती और जल संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया है। आने वाले समय में पानी कटौती जारी रहती है या वापस ली जाती है, इसका फैसला मौसम और जलस्तर की समीक्षा के आधार पर किया जाएगा।

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