तस्वीर में मुंबई स्थित बीएमसी कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए शिवसेना यूबीटी नेता किशोरी पेडणेकर और अन्य प्रतिनिधिमंडल के सदस्य दिखाई दे रहे हैं।   

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के स्कूलों में छात्रों को वितरित की जाने वाली सालाना डायरी से भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीएमसी की विरोधी पक्ष नेता किशोरी पेडणेकर ने इस मामले पर बीएमसी प्रशासन और शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है।

किशोरी पेडणेकर ने सवाल उठाया कि देश के संविधान निर्माता और वंचितों को शिक्षा का अधिकार दिलाने वाले डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर स्कूल डायरी से क्यों हटाई गई। इस मुद्दे को लेकर शिवसेना यूबीटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को बीएमसी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और अपना विरोध पत्र सौंपा।

मीडिया से बातचीत में किशोरी पेडणेकर ने कहा कि छत्रपती शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर हमारे आदर्श और देश के युगपुरुष हैं। उन्होंने कहा कि बीएमसी की स्कूल डायरी के माध्यम से बच्चों को देश के महापुरुषों और नैतिक मूल्यों की जानकारी मिलती है। ऐसे में शिक्षा विभाग इतनी बड़ी चूक कैसे कर सकता है।

किशोरी पेडणेकर ने स्पष्ट किया कि महापुरुषों का अनादर किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के सामने भी मजबूती से उठाया जाएगा।

विरोधी पक्ष नेता ने बीएमसी प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान में बांटी गई सभी स्कूल डायरियों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर के साथ नई डायरियां छापकर बच्चों को दोबारा वितरित करने की मांग की है।

इसके साथ ही उन्होंने मामले में हुई लापरवाही की जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की है। स्कूल डायरी में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर को लेकर उठे इस विवाद ने बीएमसी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

Tags: