पवई झील में कल से नहीं गिरेगा गंदा पानी, बीएमसी ने मोड़े सभी 20 नाले
पवई झील में 1 अक्टूबर से गंदे पानी का प्रवाह बंद होगा। बीएमसी ने झील में गिरने वाले सभी 20 नालों को मोड़ने का काम पूरा कर लिया है। 3,056 मीटर सीवर लाइन के बाद अब 8 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट पर काम जारी है।
तस्वीर में कुछ अधिकारी पवई झील के पास खड़े होकर निरीक्षण कर रहे हैं और झील में जलकुंभी व एक नाव नजर आ रही है।
मुंबई। पवई झील में बहने वाले गंदे पानी और सीवर के प्रवाह को रोकने के लिए बीएमसी ने सभी 20 नालों को मोड़ने का काम पूरा कर लिया है। बीएमसी प्रशासन के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से झील में इन नालों का गंदा पानी नहीं गिरेगा।
आसपास बढ़ते शहरीकरण के कारण पवई झील में रोजाना करीब 18 मिलियन लीटर गंदा पानी पहुंच रहा था। इससे झील के पर्यावरण और जल जीवन पर असर पड़ रहा था। इसे रोकने के लिए बीएमसी ने 3,056 मीटर लंबी नई सीवर लाइन बिछाई है।
इस परियोजना के तहत आदि शंकराचार्य मार्ग के पास के 18 नालों के पानी का प्रवाह भांडुप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की ओर मोड़ दिया गया है। वहीं, पेरूगेट के पास के दो नालों के गंदे पानी को फिल्टरपाड़ा ट्रीटमेंट प्लांट भेजा गया है।
बीएमसी ने अगस्त 2025 में शुरू हुआ यह काम 13 महीनों में पूरा किया है। पवई झील को प्रदूषण से बचाए रखने के लिए बीएमसी पवई क्षेत्र में 8 मिलियन लीटर क्षमता वाला नया स्वचालित ट्रीटमेंट प्लांट भी बना रही है। यह प्लांट मई 2027 तक तैयार होने की योजना है।
नया प्लांट चालू होने के बाद पवई झील के पानी को साफ रखने में मदद मिलेगी। इससे झील क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय मुंबईकरों को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में बीएमसी की व्यवस्था आगे बढ़ेगी।