विरार अस्पताल में महिला पत्रकार से सुरक्षा गार्ड की बदसलूकी और हाथापाई
विरार के आयुष्मान भारत हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुंची महाराष्ट्र टाइम्स की महिला पत्रकार वैष्णवी राऊत से महिला सुरक्षा गार्ड पर बदसलूकी और हाथापाई का आरोप है। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बोलिंज आरोग्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
तस्वीर में बाईं ओर अस्पताल परिसर में खड़ी महिला सुरक्षा गार्ड और दाईं ओर अस्पताल के बिस्तर पर बैठी महिला पत्रकार दिखाई दे रही हैं।
विरार में इलाज कराने पहुंची महाराष्ट्र टाइम्स की महिला पत्रकार के साथ अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी और हाथापाई किए जाने का मामला सामने आया है। घटना 24 अगस्त की दोपहर वसई विरार म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के विरार वेस्ट ग्लोबल सिटी स्थित आयुष्मान भारत हॉस्पिटल में हुई। घटना के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर महिला पत्रकार को वसई विरार महानगर पालिका के बोलिंज स्थित आरोग्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार, विरार पश्चिम निवासी वैष्णवी राऊत महाराष्ट्र टाइम्स अखबार में कार्यरत हैं। तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह 24 अगस्त को इलाज कराने के लिए वसई विरार म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के विरार वेस्ट ग्लोबल सिटी स्थित आयुष्मान भारत हॉस्पिटल पहुंची थीं। इसी दौरान अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड पूजा मिश्रा ने उन्हें रोक लिया।
बताया गया कि सुरक्षा गार्ड ने पत्रकार से पूछा कि उन्हें किससे मिलना है और जूते बाहर निकालने के लिए कहा। इसके बाद वैष्णवी राऊत ने जूते बाहर निकाल दिए और अस्पताल के अंदर जाकर बताया कि उन्हें डॉक्टर से मिलना है, क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
आरोप है कि इस दौरान महिला सुरक्षा गार्ड पूजा मिश्रा ने इस तरह बात की, जैसे वह अस्पताल की इंचार्ज हों। उन्होंने कहा कि अभी डॉक्टर नहीं हैं और पूछा कि क्या काम है, बाद में आने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस होने लगी।
आरोप के अनुसार, बहस के दौरान सुरक्षा गार्ड पूजा मिश्रा ने अपना आपा खो दिया और महिला पत्रकार से बदसलूकी करते हुए अनाप-शनाप बोलने लगीं। महिला पत्रकार ने अपना परिचय भी दिया, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग जारी रहा। बात आगे बढ़ी और सुरक्षा गार्ड मारपीट पर उतारू हो गईं तथा महिला पत्रकार के साथ हाथापाई करने लगीं।
बताया गया कि महिला पत्रकार पहले से बीमार थीं और इलाज कराने के लिए ही अस्पताल पहुंची थीं। ऐसे में उनके साथ महिला सुरक्षा गार्ड द्वारा इस तरह की हरकत किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाथापाई के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर वैष्णवी राऊत को वसई विरार महानगर पालिका के बोलिंज स्थित आरोग्य केंद्र में भर्ती कराया गया। देर रात उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
इस घटना के बाद अस्पतालों में सुरक्षा गार्डों की भूमिका और मरीजों तथा उनके परिजनों के साथ उनके व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सुरक्षा गार्ड का काम लोगों की सुरक्षा करने और अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को मार्गदर्शन देने का होता है, न कि उनसे बदसलूकी या मारपीट करना।
मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एक बड़े अखबार से जुड़ी महिला पत्रकार के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जा सकता है तो आम नागरिकों के साथ सुरक्षा गार्ड किस तरह का व्यवहार करती होगी। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद मनपा प्रशासन क्या कार्रवाई करता है या नहीं।