मुंबई में विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बीएमसी के सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को बीएमसी मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मुख्य द्वार पर धरना देकर नारेबाजी की और बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े से मुलाकात की मांग की। आयुक्त के नहीं मिलने पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मंगलवार, 25 अगस्त को काम बंद आंदोलन करने की चेतावनी दी।

डॉ. प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाले म्युनिसिपल कामगार संघ से जुड़े सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान निकालने की बात तय हुई थी। इसी के तहत कर्मचारी आयुक्त से सीधे मुलाकात की मांग कर रहे थे।

हालांकि, कर्मचारियों के अनुसार आयुक्त ने उनसे सीधे मिलने के बजाय अतिरिक्त आयुक्त से मुलाकात करने के लिए कहा। इससे नाराज सफाई कर्मचारियों ने बीएमसी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो मंगलवार, 25 अगस्त को काम बंद आंदोलन किया जाएगा। इसके चलते मुंबई शहर की दैनिक साफ-सफाई व्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।

म्युनिसिपल कामगार संघ की प्रमुख मांगों में मोटर लोडर्स का तबादला तुरंत रोकना, लाड-पागे समिति की सिफारिशों के आधार पर पात्र वारिसों को अनुकंपा पर नौकरी देना, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना के तहत सफाई कर्मचारियों को मकान उपलब्ध कराना और लंबित अनुकंपा मामलों का जल्द निपटारा करना शामिल है।

कर्मचारी संगठन का कहना है कि बीएमसी प्रशासन और आयुक्त ने यदि प्रतिनिधिमंडल से मिलकर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में मंगलवार को प्रस्तावित काम बंद आंदोलन से मुंबई की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका के बीच अब बीएमसी प्रशासन के रुख पर नजर रहेगी।

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