वसई-विरार में फर्जी दस्तावेज से 8 मंजिला इमारत बनाने वाले दो बिल्डर गिरफ्तार, 113 फ्लैट बेचे
वसई-विरार में फर्जी दस्तावेजों से आठ मंजिला ध्रुव हाइट्स 2 बनाने और 113 फ्लैट बेचने के आरोप में दो बिल्डर गिरफ्तार। महानगरपालिका की जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए। जानें, पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया।
वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आठ मंजिला इमारत का अवैध निर्माण करने और 113 फ्लैट बेचकर प्रशासन व खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में दो बिल्डरों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच में इमारत के निर्माण से संबंधित दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद महानगरपालिका की शिकायत पर विरार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद वसई अपराध शाखा की यूनिट-02 की टीम ने दोनों आरोपियों को विरार से गिरफ्तार कर लिया।
मामला वसई-विरार महानगरपालिका के वार्ड ‘सी’ के अंतर्गत चांदनसार स्थित मौजे नारिंगी गांव की जमीन से जुड़ा है। सर्वे नंबर 232, हिस्सा नंबर 5 की जमीन पर के.वी. कंस्ट्रक्शन के मालिक कमलेश महादेव पाटिल ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आठ मंजिला इमारत का अवैध निर्माण किया। निर्माण स्थल पर वसई-विरार महानगरपालिका की अनुमति का बोर्ड भी लगाया गया था।
किसी समाजसेवक द्वारा लिखित शिकायत दिए जाने के बाद महानगरपालिका ने मामले की जांच की। जांच के दौरान इमारत के निर्माण के लिए इस्तेमाल किए गए सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद क्षेत्रीय अधिकारियों से प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें इमारत का निर्माण पूरी तरह फर्जी और अवैध पाया गया।
महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर वार्ड अधिकारी ने विरार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया। प्राथमिकी में तालाब रोड, नारिंगी, विरार पूर्व निवासी विशाल विनायक पाटिल, उम्र 38 वर्ष, और उनके साझेदार कमलेश महादेव पाटिल, उम्र 40 वर्ष, को आरोपी बनाया गया है। कमलेश महादेव पाटिल का पता हाउस नंबर 321, उटल अली, तलाव रोड, नरिंगी, विरार पश्चिम दर्ज है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 316(5), 318(4), 337, 338 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। दर्ज मामले की जांच वसई अपराध शाखा की यूनिट-02 के पुलिस निरीक्षक नितीन पाटील के मार्गदर्शन में उनकी टीम ने शुरू की। जांच के दौरान टीम ने विशाल विनायक पाटिल और कमलेश महादेव पाटिल को विरार से गिरफ्तार कर लिया।
जांच के अनुसार, दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और ध्रुव हाइट्स 2 नामक आठ मंजिला इमारत का निर्माण किया। इसके बाद इमारत के 113 फ्लैट आम लोगों को महंगे दामों पर बेच दिए गए। इस मामले में प्रशासन के साथ-साथ फ्लैट खरीदारों से भी धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि उक्त इमारत में जिन लोगों के साथ ठगी हुई है, वे आगे आकर मामले के जांच अधिकारी से मिलें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। मामले में दोनों बिल्डरों की गिरफ्तारी के बाद अब प्रभावित खरीदारों की शिकायतें जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगी।