मुंबई को बैनर मुक्त बनाने के लिए घाटकोपर में बीएमसी अधिकारियों के साथ कार्रवाई का निरीक्षण करतीं महापौर रितू तावडे।

मुंबई। मुंबई को अवैध विज्ञापनों, फ्लेक्स बैनरों और पोस्टरों से मुक्त कराने की मुहिम के तहत महापौर श्रीमती रितू राजेश तावडे बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 की सुबह खुद सड़कों पर उतरीं। उन्होंने अपने ही नगरसेवक प्रभाग में अवैध बैनर, पोस्टर और स्टिकर हटाकर अभियान की शुरुआत की। महापौर की इस पहल के साथ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अवैध विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का संदेश दिया है।

महापौर ने घाटकोपर पूर्व के व्यस्त झुलेलाल चौक और गारोडिया नगर परिसर का दौरा किया। यहां उन्होंने अपने हाथों से अवैध विज्ञापन बोर्ड, बैनर और पोस्टर हटाए। इस दौरान बीएमसी के ‘एन’ विभाग की टीम के साथ अतिक्रमण विरोधी विभाग और लाइसेंस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। महापौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में दोबारा अवैध बैनर नहीं लगने चाहिए। इसके लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

महापौर रितू तावडे ने कहा कि जिस तरह गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण के अनुकूल मूर्तियों को प्राथमिकता दी गई, उसी तरह पूरे साल मुंबई को प्लास्टिक और फ्लेक्स कचरे से मुक्त रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने बीएमसी प्रशासन को अवैध विज्ञापनों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने के लिए पत्र भी दिया है।

इस नीति के तहत अधिकृत बैनरों पर क्यूआर कोड अनिवार्य किया जाएगा। बिना अनुमति पोस्टर छापने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने और नागरिकों की शिकायतों का समाधान 72 घंटों के भीतर करने का प्रावधान शामिल है। इन उपायों के जरिए अवैध विज्ञापनों पर नियंत्रण और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया है।

महापौर ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों से भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध फ्लेक्स हटाने की पहल करें। महापौर की इस कार्रवाई के साथ बीएमसी का लक्ष्य शहर में अवैध बैनर और पोस्टरों पर रोक लगाने तथा पूरे वर्ष मुंबई को प्लास्टिक और फ्लेक्स कचरे से मुक्त रखने की मुहिम को आगे बढ़ाना है।

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