मुंबई में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को बढ़ावा देने की बीएमसी की पहल, मुख्यालय में तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू
मुंबई में बीएमसी मुख्यालय के कैंटीन हॉल में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू हुई है। गणेश खणकर और रवींद्र साठे की मौजूदगी में शुरू हुए इस आयोजन में खादी के कपड़ों से लेकर कोल्हापुरी चप्पलों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों तक कई उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
मुंबई बीएमसी मुख्यालय में खादी प्रदर्शनी के स्टॉल का निरीक्षण करते अतिथि।
मुंबई में स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल की है। महाराष्ट्र राज्य खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड के सहयोग से बीएमसी मुख्यालय के कैंटीन हॉल में खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी शुरू की गई है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को बीएमसी सदन के नेता गणेश खणकर और महाराष्ट्र राज्य खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड के सभापति रवींद्र साठे की प्रमुख मौजूदगी में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। यह प्रदर्शनी गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 तक सभी के लिए खुली रहेगी।
तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में खादी के शर्ट, कुर्ते और जैकेट के साथ हथकरघा साड़ियां, शुद्ध शहद, जैविक साबुन, तेल, मशहूर कोल्हापुरी चप्पलें और हस्तनिर्मित आभूषण बिक्री के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न पारंपरिक खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने और कारीगरों तथा छोटे उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
बीएमसी सदन के नेता गणेश खणकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से पालिका प्रशासन ने यह पहल की है। इससे स्थानीय हस्तकला और पारंपरिक व्यवसायों को सीधे बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बीएमसी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से खादी उत्पाद खरीदने तथा अपनी दिनचर्या में उनका उपयोग बढ़ाने की अपील की।
गणेश खणकर ने सुझाव दिया कि बीएमसी कर्मचारी सप्ताह में कम से कम एक दिन खादी के कपड़े जरूर पहनें। उनके अनुसार, इस तरह के प्रयासों से खादी के प्रचार-प्रसार को बल मिल सकता है। प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण को भी प्रोत्साहित करना है।
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बीएमसी और खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। 15 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली यह प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों के उत्पादों को बीएमसी मुख्यालय में सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान कर रही है।