ठाणे तेरापंथ भवन में भव्य मंत्र दीक्षा समारोह, मुनि कुलदीप कुमार ने बच्चों को दिए संस्कारों के मंत्र
मुंबई के ठाणे तेरापंथ भवन में मुनि कुलदीप कुमार एवं मुनि मुकुल कुमार के सान्निध्य में भव्य मंत्र दीक्षा कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां बच्चों ने संस्कार और अहिंसा का संदेश दिया।
: तस्वीर में मुनि कुलदीप कुमार और एक अन्य संत ठाणे तेरापंथ भवन में आयोजित कार्यक्रम के मंच पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं।
आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि कुलदीप कुमार एवं मुनि मुकुल कुमार के पावन सान्निध्य में ठाणे तेरापंथ भवन में भव्य मंत्र दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चौकले (क्षेत्र) के अंतर्गत मुलुंड, ऐरोली, भांडुप, मुंब्रा एवं ठाणे ज्ञानशाला के समस्त ज्ञानार्थी एवं प्रशिक्षकगण ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुनिद्वय के मुखारविंद से पावन नवकार महामंत्र के उच्चारण के साथ हुआ। इसके बाद ठाणे ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। सह मुख्य प्रशिक्षिका अनीता पालरेचा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक क्रम में ठाणे ज्ञानशाला के बच्चों ने ज्ञानशाला गीत की मनोहारी प्रस्तुति दी। इसके बाद मुलुंड ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने ‘छः काय के जीव’ विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं ठाणे ज्ञानशाला के बच्चों ने ‘आपकी अदालत’ के माध्यम से दैनिक जीवन में अहिंसा के व्यवहार पर आधारित प्रेरणादायी नाटिका प्रस्तुत की, जिसे उपस्थितजनों ने खूब सराहा। ऐरोली ज्ञानशाला के बच्चों ने ‘तारक मेहता’ थीम पर आधारित अहिंसा विषयक मनोरंजक एवं शिक्षाप्रद नाटिका प्रस्तुत कर महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुनि कुलदीप कुमार के सान्निध्य में बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। उन्होंने मंत्रों के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को संस्कारमय जीवन जीने की प्रेरणा दी। मुनि मुकुल कुमार ने बच्चों को स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए नवकार मंत्र का सही उच्चारण करने की विधि बताई।
तेरापंथ सभा ठाणे के अध्यक्ष नरेश बाफना ने अपने संबोधन में ज्ञानशाला के बच्चों एवं प्रशिक्षिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए प्रेरक विचार व्यक्त किए। ठाणे सभा मंत्री राजेश बाफना ने भी अपने विचार रखे। निर्मल चंडालिया, तेरापंथ ठाणे सिटी के अध्यक्ष राहुल ओस्तवाल तथा वागले स्टेट के अध्यक्ष पुनीत ओस्तवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम के अंत में भारमल जोन सहसंयोजिका रश्मि कोठारी ने मुनि, अतिथियों, पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ज्ञानशाला परीक्षा विभाग से संजय कटारिया एवं बीना सेठिया, ज्ञानशाला संयोजक विमल दुग्गड़, महिला मंडल अध्यक्षा संगीता चांडालिया, मंत्री खुशबू पामेचा, सीमा सांखला, भारती सिंघवी, दीपिका चपलोत एवं निर्मला मेहता सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारी एवं श्रद्धालुगण की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन निशा भटेवरा ने किया। आध्यात्मिक वातावरण, संस्कार, अहिंसा एवं जैन संस्कृति के संदेश से ओत-प्रोत यह आयोजन श्रद्धालुओं और उपस्थित जनों के लिए प्रेरणादायी रहा।