युवाचार्य महावीर कुमार के अभिनंदन समारोह में गूंजी धर्म साधना की प्रेरणा, संतों ने बताए अनुशासन और सेवा के आदर्श

मुंबई में आयोजित युवाचार्य अभिनंदना समारोह में साध्वी कंचनप्रभा और साध्वी मंजुरेखा ने कषाय विजय, अनुशासन और गुरु परंपरा पर प्रेरक विचार रखे।

Update: 2026-07-31 14:58 GMT

मुंबई के युवाचार्य अभिनंदना समारोह में मंच पर हाथ जोड़े प्रार्थना की मुद्रा में खड़ीं जैन साध्वियां।

मुंबई में आयोजित युवाचार्य अभिनंदना समारोह श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बना, जहां शासनश्री साध्वी कंचनप्रभा ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए भगवान महावीर की वाणी में कषाय विजय की साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कषाय अर्थात क्रोध, अभिमान, पदलिप्सा एवं प्रतिष्ठा जैसी कामनाओं पर विजय प्राप्त करने वाला मुनि सब कुछ प्राप्त कर लेता है। उन्होंने कहा कि इसका प्रत्यक्ष उदाहरण तेरापंथ धर्म संघ है। उन्होंने कहा कि आचार्य महाश्रमण द्वारा युवाचार्य पद पर प्रतिष्ठित किए गए मुनि महावीर को सभी ने देखा है। वे आगम वाणी के गहन मर्मज्ञ, श्रुताराधक होने के साथ-साथ अनुशासित जीवन शैली और सेवा भावना से युक्त हैं। उन्होंने कहा कि स्पृहा वृत्ति को सहज नियंत्रित करना वर्तमान युग की कठिनतम साधना है।

शासनश्री साध्वी मंजुरेखा ने कहा कि तेरापंथ धर्म संघ में आचार्य परंपरा के अंतर्गत एक गुरु की आज्ञा में पूरा धर्म संघ निश्चिंतता एवं अपूर्व समाधि का अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रत्यक्षदर्शी होकर देखा कि आचार्य तुलसी एवं आचार्य महाप्रज्ञ ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा की थी। उसी पावन परंपरा में आचार्य महाश्रमण ने मुनि महावीर कुमार को युवाचार्य पद पर अलंकृत किया। उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति के समय लगभग 800 साधु-साध्वियां नतमस्तक थीं। उन्होंने मुनि महावीर कुमार की श्रुताराधना, विनय, विवेक, व्यवहार और सहिष्णुता को अनुकरणीय बताया।



 


समारोह के दौरान साध्वी उदीतप्रभा, साध्वी निर्भयप्रभा एवं साध्वी चेलनाश्री ने भक्ति से ओतप्रोत विचार व्यक्त किए तथा सामूहिक गीत के माध्यम से युवाचार्यवर की अभिनंदना की। कार्यक्रम का मंगलाचरण दक्षिण मुंबई के श्रावक समाज ने प्रस्तुत किया।

आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के मंत्री लक्ष्मीलाल डागलिया, दक्षिण मुंबई सभा अध्यक्ष देवेन्द्र डागलिया, डालचंद कोठारी, चेतना पारीक और नितेश धाकड़ ने भी अपने भाव व्यक्त किए। दादर महिला मंडल ने गीतिका की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में फाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष किशनलाल डागलिया, कार्याध्यक्ष गणपतलाल डागलिया, रमेश मेहता, दिनेश धाकड़, चंपालाल डागा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

सभा के मंत्री पवन बोलिया ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि तेरापंथ युवक परिषद की ओर से दीपक कच्छारा ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम की जानकारी नितेश धाकड़ एवं दर्शन डागलिया ने दी। युवाचार्य अभिनंदना समारोह में संतों के प्रेरक उद्बोधनों, भक्ति प्रस्तुतियों और अनुशासित परंपरा के संदेश ने तेरापंथ धर्म संघ की गुरु परंपरा एवं साधना मूल्यों को प्रमुखता से रेखांकित किया।

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