तेरापंथ समाज ठाणे ने लाडनूं पहुंचकर आचार्य महाश्रमण के किए दर्शन, धर्म आराधना का संदेश
तेरापंथ समाज ठाणे के सदस्य मुनि कुलदीप कुमार और मुनि मुकुल कुमार स्वामी की प्रेरणा से लाडनूं पहुंचे। आचार्य महाश्रमण, युवाचार्य महावीर कुमार और साध्वी प्रमुखा ने धर्म आराधना, युवा सहभागिता, महिला उपक्रमों और ज्ञानशाला को लेकर संदेश दिए।
तस्वीर में लाडनूं में तेरापंथ धर्मसंघ के संतों के समक्ष 'गुरुदर्शन यात्रा लाडनूं-2026' का बैनर पकड़े खड़े और बैठे तेरापंथ समाज ठाणे के सदस्य नजर आ रहे हैं।
मुंबई। तेरापंथ समाज, ठाणे के सदस्यों ने लाडनूं पहुंचकर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें पट्टधर आचार्य श्री महाश्रमण के दर्शन किए और सेवा का लाभ लिया। तेरापंथ भवन ठाणे में विराजित मुनि कुलदीप कुमार एवं मुनि मुकुल कुमार स्वामी की प्रेरणा से समाज के सदस्य संघ रूप में लाडनूं पहुंचे। इस दौरान आचार्य श्री महाश्रमण सहित अन्य चारित्रात्माओं के दर्शन कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
आचार्य श्री महाश्रमण ने समाज के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि ठाणे में प्रायः चातुर्मास होते रहते हैं। उन्होंने सभी को धर्म आराधना करते रहने की प्रेरणा दी। युवाचार्य महावीर कुमार ने युवक-युवतियों को संघ से जुड़े रहने का संदेश देते हुए कहा कि युवा वर्ग हमारी भावी पीढ़ी है।
साध्वी प्रमुखा ने तत्त्वज्ञान, तत्त्वप्रचेता और सेवासाधक जैसे उपक्रमों के माध्यम से महिलाओं को प्रेरित करने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इनसे जोड़कर रखने की बात कही। साध्वी वर्या संबुद्ध यशा ने ज्ञानशाला में अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ने और धर्म-ध्यान में सक्रिय रहने की प्रेरणा दी।
इसके बाद ठाणे से पहुंचे समाज के सदस्यों ने सभी चारित्रात्माओं के दर्शन किए और सेवा का लाभ लिया। विभिन्न स्थानों पर तेरापंथी सभा ठाणे के अध्यक्ष नरेश बाफना ने सामूहिक खमत-खामना करवाए। यात्रा में तेरापंथी सभा ठाणे के निवर्तमान अध्यक्ष महेंद्र वागरेचा, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष रमेश सोनी और ठाणे के वरिष्ठ श्रावक भी उपस्थित रहे।
तेरापंथी सभा ठाणे के मंत्री राजेश बापना ने मुनि कुलदीप कुमार के स्वास्थ्य की जानकारी दी। उन्होंने चातुर्मास के दौरान आयोजित सभी गतिविधियों के बारे में भी बताया। इसके अतिरिक्त, समाज के सदस्यों ने जयपुर में विराजित मुनि तत्त्व रुचि आदि संतों के दर्शन किए और सेवा का लाभ लिया।
लाडनूं से रवाना होने के बाद संघ ने दर्शनीय स्थलों खाटू श्याम, सालासर और बालाजी के भी दर्शन किए। यात्रा संयोजक संजय दुगड़ ने बताया कि यात्रा में पंकज नौलखा, महेंद्र कोठारी, अशोक ईंटोदिया, चिराग डागलिया, अशोक नौलखा, हरीश सिसोदिया, महेश छाजेड़, राकेश दुग्गड़, प्रवीण डांगी, हितेश मेहता, संजय कटारिया, पवन बापना, विकास कच्छारा, महावीर कच्छारा, मुकेश डांगी, विनोद बडाला, लक्ष्मीलाल सिंघवी, कमलेश चंडालिया, विनोद कोठारी, कमलेश दुग्गड़, ललित कोठारी, राजेंद्र कुमठ, हर्षद हिंगड़, रिंकू हिरण, मुकेश धोका और देवेंद्र पुनमिया शामिल रहे।
महिला मंडल की अध्यक्षा संगीता चंडालिया, मंत्री खुशबु पामेचा और कोषाध्यक्ष लीला सिंघवी सहित अन्य सदस्य भी यात्रा में उपस्थित थे। आचार्य श्री महाश्रमण और अन्य संतों के दर्शन के साथ संपन्न हुई इस यात्रा में धर्म आराधना, संघ से जुड़ाव, महिला सहभागिता और बच्चों को ज्ञानशाला से जोड़ने के संदेश प्रमुख रहे।