मुंबई में लगातार गिरते जलस्तर और आने वाले दिनों में पानी की किल्लत की आशंका के बीच बीएमसी की विरोधी पक्ष नेता किशोरी पेडणेकर ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुंबईकरों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी की बर्बादी रोकने, लीकेज पर नियंत्रण करने और पानी के नए स्रोत तलाशने की दिशा में अभी से ठोस कार्रवाई जरूरी है।

किशोरी पेडणेकर ने कहा कि झीलों से पानी का वाष्पीकरण हो रहा है और बारिश भी कम हुई है। ऐसी स्थिति में जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से पानी की पाइपलाइनों में लीकेज रोकने, अवैध जल कनेक्शन काटने, निर्माण कार्यों में पीने के पानी का इस्तेमाल बंद कराने और लंबे समय से बंद पड़ी पुरानी कुओं को दोबारा शुरू करने की मांग की।

उन्होंने बताया कि मुंबई के कई इलाकों में 10 से लेकर 18 फीसदी तक पानी की कटौती की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बीएमसी प्रशासन को जल संकट की वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि नागरिकों को संभावित कटौती और जलापूर्ति व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी मिल सके।

बीएमसी की विरोधी पक्ष नेता ने कहा कि केवल पानी की आपूर्ति का समय निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि चालियों और पुरानी इमारतों की ऊपरी मंजिलों तक पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जलापूर्ति की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे सभी मंजिलों पर रहने वाले लोगों को पर्याप्त पानी मिल सके।

किशोरी पेडणेकर ने बारिश के पानी के संरक्षण और उसके उचित इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहेजे गए बारिश के पानी का उपयोग इमारतों के शौचालयों और सफाई जैसे कार्यों में किया जाना चाहिए। इससे पीने के पानी की मांग पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा।

सड़कों की धुलाई के लिए टैंकरों से पानी इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में जब सूखे जैसी स्थिति हो, तब टैंकरों से सड़कों को धोना बिल्कुल गलत है। उन्होंने बीएमसी प्रशासन से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनके मुताबिक, जल संकट की आशंका के बीच पानी के इस्तेमाल को लेकर प्राथमिकताएं तय करना जरूरी है।

उन्होंने गर्मियों में संभावित जल संकट का फायदा उठाकर टैंकर माफिया द्वारा आम नागरिकों से भारी वसूली किए जाने की आशंका पर भी चिंता जताई। किशोरी पेडणेकर ने प्रशासन से ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की, ताकि पानी की कमी के दौरान नागरिकों को आर्थिक शोषण का सामना न करना पड़े।

किशोरी पेडणेकर ने मुंबईवासियों से भी अपील की कि वे पानी की हर एक बूंद बचाएं और जल संकट से निपटने में सहयोग करें। उन्होंने पानी की बर्बादी रोकने, उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करने और जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

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