दक्षिण मुंबई में पर्युषण पर्व संपन्न, संवत्सरी पर साध्वियों के सान्निध्य में हुई विशेष साधना
कालबादेवी के महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आठ दिवसीय अनुष्ठान के दौरान साधना, संयम और पौषध व्रत के साथ आध्यात्मिक चेतना का प्रसार हुआ।
मुंबई। दक्षिण मुंबई स्थित कालबादेवी के महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आठ दिवसीय पर्युषण पर्व अत्यंत श्रद्धा, साधना, संयम और आध्यात्मिक चेतना के विशेष वातावरण के साथ संपन्न हुआ। शासनश्री साध्वी कंचनप्रभा एवं शासनश्री साध्वी मंजूरेखा आदि ठाणा-५ के दिव्य सान्निध्य में आयोजित इस पर्युषण आराधना में न केवल दक्षिण मुंबई, बल्कि दादर, परेल, एल्फिंस्टन और सायन-कोलीवाड़ा क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित किया।
आठों दिनों के दौरान प्रतिदिन आयोजित विभिन्न धार्मिक उपक्रमों में खाद्य संयम, स्वाध्याय, सामायिक, वाणी संयम, जप और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों का उत्कृष्ट संयोजन देखने को मिला। साध्वीवृंद के प्रेरणादायी दैनिक प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, संयम, त्याग और आध्यात्मिक जीवन मार्ग अपनाने के लिए गहराई से प्रेरित किया। इन प्रवचनों के माध्यम से धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सामाजिक जीवन में सद्भाव, अनुशासन, नैतिकता और सकारात्मक सोच को समाविष्ट करने का सशक्त संदेश दिया गया।
पर्युषण के दौरान आयोजित रात्रिकालीन कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी को संस्कारों, सेवा भाव, सद्भाव और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया, जिसमें संपूर्ण समाजजनों ने अप्रतिम उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। विभिन्न दिनों में आयोजित सामायिक, जप और अखंड जप जैसे आध्यात्मिक उपक्रमों ने पूरे विद्यालय परिसर को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर कठिन तपस्या करने वाले तपस्वियों की भावभीनी अनुमोदना की गई, जिससे समाज में तप, त्याग और संयम के प्रति अपार श्रद्धा और प्रेरणा का प्रसार हुआ।
पर्युषण पर्व के अंतिम दिवस 'संवत्सरी महापर्व' पर विशाल संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने पौषध व्रत स्वीकार किया और दिनभर धर्माराधना, साधना एवं आत्मचिंतन में लीन रहे। पौषध के जरिए श्रद्धालुओं ने आत्मनिरीक्षण और संयम की साधना को अपने व्यक्तिगत जीवन में उतारने का दृढ़ संकल्प लिया।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल तथा अणुव्रत समिति दक्षिण मुंबई सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय और सराहनीय उपस्थिति रही। इस प्रकार, साध्वीवृंद के सुयोग्य मार्गदर्शन और जन-जन की व्यापक सहभागिता से यह पर्व धर्माराधना, सामाजिक चेतना, संस्कार और संयम का अलौकिक संदेश फैलाते हुए संपन्न हुआ। इस संपूर्ण कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी सभा प्रचार मंत्री नितेश धाकड़ तथा तेयुप उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया द्वारा प्रदान की गई।