डोंबिवली तेरापंथ भवन में मनाया गया संवत्सरी महापर्व और मैत्री दिवस
उपासक अर्जुन मेड़तवाल और गेहरीलाल बाफ़णा के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने क्षमा याचना कर आपसी मैत्री का संदेश दिया।
डोंबिवली तेरापंथ भवन में बैनर के आगे दो श्वेतवस्त्रधारी उपासक माइक पर बोल रहे हैं।
मुंबई। डोंबिवली तेरापंथ भवन में भगवती संवत्सरी महापर्व एवं मैत्री दिवस-क्षमापना दिवस का आयोजन बड़े उल्लासमय वातावरण में हुआ। महातपस्वी आचार्य महाश्रमण की आज्ञा से सूरत से समागत उपासक द्वय अर्जुन मेड़तवाल एवं गेहरीलाल बाफ़णा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में विशाल संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवक्ता उपासक अर्जुन मेड़तवाल ने कहा कि संवत्सरी महापर्व जैन परम्परा का सर्वोत्कृष्ट पर्व और सिरमौर पर्व है। यह भीतर की गांठों को खोलने, अपने भीतर झांकने और आत्मा पर जमी मैल की परतों को दूर करने का पर्व है। आपसी मतभेद और मनोमालिन्य मिटाकर जीवन में नया अध्याय शुरू करने का संदेश यह पर्व देता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति, जिनके साथ हमारा संपर्क रहा है, उनके साथ खुले हृदय से क्षमा का आदान-प्रदान करना चाहिए। भगवान महावीर ने कहा है कि क्षमा वीरों का आभूषण है। क्षमा मांगने वाला और क्षमा देने वाला दोनों को वीर कहा जाता है। क्षमा जीवन के ऊर्ध्वारोहण का तत्व है। क्षमा के आदान-प्रदान से जीवन विभूषित होता है।
अर्जुन मेड़तवाल ने कहा कि भगवान महावीर ने मैत्री भावना को विकसित करने का उपदेश दिया। केवल मनुष्यों के साथ ही नहीं, जीव मात्र से मैत्री स्थापित करने का संदेश दिया। क्षमापना दिवस पर क्षमा के आदान-प्रदान से जीवन को हल्का बनाया जा सकता है एवं मैत्री का नया अध्याय शुरू किया जा सकता है।
सहयोगी उपासक गेहरीलाल बाफ़णा ने कहा कि संवत्सरी वैमनस्य को समाप्त कर सौमनस्य स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर है। जिनके साथ हमारे संबंध कटुतापूर्ण हैं, उनसे पुरानी कटुता को भूलकर पुनः मैत्री स्थापित करनी चाहिए। खमत-खामणा केवल शब्दों का विनिमय न बन जाए, बल्कि आत्मीयता को बढ़ावा देने का साधन बने, यह अपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि संवत्सरी जीवन में नया अध्याय शुरू करने एवं संबंधों को मधुरतापूर्ण बनाने का माध्यम बने, यह अपेक्षित है।
कार्यक्रम में तेरापंथी सभा, डोंबिवली के अध्यक्ष डॉ. मदन कोठारी, तेरापंथी सभा के मंत्री पारस बडाला, तेरापंथ महिला मंडल उपाध्यक्षा सरोज सिंघवी, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष विपिन मेहता, अणुव्रत विश्व भारती के महामंत्री मनोज सिंघवी आदि ने अपने भावों की प्रस्तुति की। तेरापंथ महिला मंडल ने मंगलाचरण किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश कोठारी ने किया।
सांवत्सरिक प्रतिक्रमण में विशाल संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। संवत्सरी के दिन लगभग 100 पौषध हुए। इस आयोजन में क्षमा के आदान-प्रदान, वैमनस्य समाप्त करने, मैत्री स्थापित करने और संबंधों में आत्मीयता बढ़ाने का संदेश प्रमुखता से सामने आया।