मुंबई के कांजूरगांव इलाके में एलबीएस रोड पर स्थित एक प्रस्तावित इमारत के पुनर्विकास से 39 पेड़ों पर असर पड़ने वाला है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए 24 पेड़ों को पूरी तरह काटने और 15 पेड़ों को दूसरी जगह दोबारा लगाने की योजना है। अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव बीएमसी के ट्री अथॉरिटी विभाग के पास भेजा गया है।

प्रस्ताव में शामिल पेड़ों में जामुन, नारियल, अशोक, बादाम, आम, पीपल और नीम जैसे कई साल पुराने देसी और औषधीय पेड़ शामिल हैं। पेड़ों को हटाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए ट्री अथॉरिटी ने डेवलपर के सामने सख्त शर्तें रखी हैं।

शर्तों के अनुसार काटे जाने वाले और दूसरी जगह लगाए जाने वाले पेड़ों के बदले डेवलपर को कुल 707 नए पौधे लगाने होंगे। इन पौधों का रोपण पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ मियावाकी पद्धति से भी किया जाएगा। नए पौधे लगाने से लेकर उनके सही तरह से बड़े होने तक उनकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर की होगी।

ट्री अथॉरिटी की ओर से पूरे प्रस्ताव की तकनीकी जांच की जा रही है। इस जांच में पर्यावरण पर पड़ने वाले असर के साथ पेड़ों की उम्र को भी ध्यान में रखा जा रहा है। बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय नागरिकों से प्राप्त होने वाले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

बीएमसी प्रशासन का प्रयास है कि कांजूरगांव में प्रस्तावित विकास कार्य के साथ शहर की हरियाली और पर्यावरण की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखा जाए।

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