तस्वीर में विवाह के पारंपरिक परिधान पहने दूल्हा और दुल्हन साथ खड़े दिख रहे हैं।

मुंबई के शिवड़ी इलाके में बुधवार को एक ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में SUV की चपेट में आने से 32 वर्षीय कामगार साजिद अली शेख की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय कामगार द्वारा चलाई जा रही XUV700 अचानक आगे बढ़ गई और वॉशिंग एरिया में दीवार के पास बैठे साजिद को टक्कर मार दी। हादसे के बाद पुलिस ने वर्कशॉप के ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर नाबालिग को हिरासत में लिया है।

घटना सुबह करीब 11.30 बजे 'कोलगेट जेटी' स्थित ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के वॉशिंग एरिया में हुई। साजिद दीवार के पास बैठा था, तभी XUV700 अचानक आगे सरक गई और उसे गंभीर चोटें आईं। उसे केईएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि 17 वर्षीय लड़के को वर्कशॉप में काम पर कैसे रखा गया और उसे वाहन चलाने की अनुमति कैसे दी गई। पुलिस ने ठेकेदार मोहम्मद गुड्डू खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है और वाहन चला रहे नाबालिग को हिरासत में लिया है। FIR में सर्विस कर्मचारी मनोज वसंत शिवरीकर (56) और वॉशिंग-साइट सुपरवाइजर जफर शेख के नाम भी शामिल हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 14 के तहत कार्रवाई की है। मोहम्मद गुड्डू खान के पास महिंद्रा की गाड़ियां धोने का ठेका था। मनोज वसंत शिवरीकर सर्विस कर्मचारी और जफर शेख वॉशिंग-साइट सुपरवाइजर था।

वडाला पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा चरण में यह घटना नाबालिग लड़के के खिलाफ स्वतंत्र आपराधिक मुकदमा चलाने योग्य नहीं लगती।

साजिद के दूर के रिश्तेदार और शिवड़ी निवासी शेख मोहम्मद अमीर ने बताया कि साजिद पिछले 13-14 वर्षों से '3M' कंपनी के माध्यम से वाहनों को धोने और उनके अंदरूनी हिस्से की सफाई का काम कर रहा था। उसे 'महिंद्रा एंड महिंद्रा' के केंद्र पर काम के लिए नियुक्त किया गया था। अमीर के मुताबिक, साजिद हर महीने करीब 16 से 18 हजार रुपये कमाता था।

साजिद के परिवार ने आरोप लगाया है कि वॉशिंग का ठेका संभालने वाले मोहम्मद गुड्डू खान ने उस लड़के को काम पर रखने से पहले उसकी उम्र की जांच नहीं की थी। पीड़ित परिवार के वकील फहाद अली कुरेशी ने कहा कि कामगार की नियुक्ति और उसकी निगरानी में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

कुरेशी ने कहा, "इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें परिवार को मुआवजा देना चाहिए। वहां एक नाबालिग लड़का काम कर रहा था और उसे वाहन चलाने की अनुमति दी गई थी। इसमें शामिल सभी लोगों की जिम्मेदारी की जांच करना जरूरी है।" परिवार ने कामगारों की नियुक्ति में शामिल कंपनियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं।

अमीर के अनुसार, साजिद की शादी करीब दो-तीन साल पहले हुई थी और उसे तथा उसकी पत्नी को बच्चे की उम्मीद थी। साजिद परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और अपनी पत्नी तथा वृद्ध माता-पिता की देखभाल करता था। उन्होंने बताया कि साजिद बेहद गरीब परिवार से था और फुटपाथ पर बने घर में रहता था। अमीर ने कहा कि परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए।

वहीं, थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शशिकांत पडवे ने बताया कि जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें सात साल से कम सजा का प्रावधान है। इसी वजह से आरोपियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं क्योंकि इस मामले में लगाई गई धाराओं के अनुसार सात साल से कम सजा का प्रावधान है।"

हादसे ने वर्कशॉप में नाबालिग की नियुक्ति और उसे वाहन चलाने की अनुमति दिए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब मामले में दर्ज धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।

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