मुंबई लोकल का हाल बेहाल: वेस्टर्न लाइन पर तकनीकी खराबी से घंटों परेशान रहे यात्री
मुंबई लोकल सेवा सोमवार को तकनीकी खराबियों से प्रभावित रही। वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर ट्रेनें 30 से 40 मिनट देरी से चलीं।
तस्वीर में लोकल ट्रेन रेलवे प्लेटफॉर्म पर खड़ी दिखाई दे रही है।
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा सोमवार, 10 अगस्त को पीक ऑवर्स के दौरान उस समय चरमरा गई, जब वेस्टर्न रेलवे में एक के बाद एक कई तकनीकी खराबियां सामने आईं। सुबह काम पर निकलने वाले हजारों यात्रियों को इन तकनीकी दिक्कतों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कई स्टेशनों और ट्रैकों पर सिग्नलों और पॉइंट्स में खराबी आने से ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 30 से 40 मिनट की देरी से चल रही थीं।
तकनीकी दिक्कतों की शुरुआत सुबह तड़के 4:46 बजे वसई रोड स्टेशन के पास हुई। यहां दिवा अप और डाउन फास्ट लाइनों के पॉइंट्स में खराबी आ गई। स्थिति को सुधारने के लिए डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट सहित रेलवे कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा गया। कर्मचारियों ने पटरियों की क्लैंपिंग का काम शुरू किया, जिसके चलते फास्ट लोकल ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी।
इसके बाद सुबह 10:10 बजे दादर स्टेशन के पास चर्चगेट जाने वाली फास्ट लाइनों के पॉइंट्स फेल हो गए। वहीं, सुबह 10:22 बजे गोरेगांव और चर्चगेट के बीच हार्बर लाइन पर भी सिग्नल खराबी की सूचना मिली। इससे इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रेनों की रफ्तार थम गई और यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।
इसी बीच दोपहर लगभग 11:53 बजे मुलुंड स्टेशन के पास ओवरहेड इक्विपमेंट तार पर एक तार गिर जाने के कारण सेंट्रल रेलवे की कई ट्रेनें ठाणे स्टेशन के पास कतार में खड़ी हो गईं। लगातार सामने आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
एक महिला यात्री ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि अंधेरी से बांद्रा तक जिस सफर में महज 15 मिनट का समय लगता था, वहां पहुंचने में उन्हें पूरा एक घंटा लग गया।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों ने प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य पूरा किया। इसके बाद धीरे-धीरे ट्रेन सेवाओं को बहाल किया गया। लगातार तकनीकी खराबियों के चलते सोमवार को वेस्टर्न रेलवे और सेंट्रल रेलवे की लोकल सेवाओं पर असर पड़ा और पीक ऑवर्स में हजारों यात्रियों को देरी और भीड़ का सामना करना पड़ा।