तस्वीर में मुंबई के महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आयोजित 'जागे पुरुषार्थ सधे कदम' कार्यशाला के दौरान साध्वी वृन्द, गणमान्य अतिथि और सर्टिफिकेट थामे प्रतिभागी नजर आ रहे हैं।

मुंबई के महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में शासन श्री साध्वी कंचनप्रभा और शासन श्री साध्वी मंजूरेखा आदि साध्वी वृन्द के सान्निध्य में “जागे पुरुषार्थ सधे कदम” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पुरुषार्थ को जीवन की उपलब्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आधार बताते हुए इसके महत्व पर विचार रखे गए।

कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी वृन्द के नमस्कार महामन्त्रोच्चार से हुई। इसके बाद तेरापंथ कन्या मण्डल ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। आचार्य महाप्रज्ञ की मासिक पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में साध्वी वृन्द ने गीत का संगान किया।

शासन श्री साध्वी कंचनप्रभा ने कहा कि तेरापंथ धर्म संघ पुरुषार्थ की विलक्षण कहानी है। यह गरिमामय दस्तावेज है कि धर्म संघ के सभी आचार्यों ने साधु-साध्वियों तथा श्रावक समाज को वर्तमान की अपेक्षाओं के साथ दिशा बोध दिया। उन्होंने शिक्षण-प्रशिक्षण के साथ लम्बी-लम्बी पद यात्राएं करते हुए साधु-साध्वियों और श्रावक समाज को आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद दिया।

शासन श्री साध्वी मंजूरेखा ने कहा कि इस उपभोक्तावाद युग में हर एक के गले उतारना बहुत जरूरी है कि पुरुषार्थ हमारे जीवन का उपलब्धि भरा सफर है, अन्यथा जीवन का मूल्य अधूरा रह जाता है। उन्होंने कहा, “जो सोता है वह खोता है।”

साध्वी उदितप्रभाजी, साध्वी निर्भयप्रभाजी और साध्वी चेलनाश्री जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर आर. एस. एस. के कार्यकर्ताओं ने साध्वी वृन्द के दर्शन कर प्रेरणा प्राप्त की।

कार्यक्रम के दौरान जैन विद्या के सर्टिफिकेट का भी वितरण किया गया। गणपत डागलिया, सुरेश मेहता, मिठालाल सिंघवी, दिनेश धाकड़, सुखलाल सियाल एवं अनेक गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सभा मंत्री पवन बोलिया ने किया। यह जानकारी नितेश धाकड़ ने दी।

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