‘खो गए हम कहाँ’ नाट्य प्रस्तुति ने मोहा मन, ठाणे में 400 से अधिक दर्शक उमड़े
ठाणे में ‘खो गए हम कहाँ’ नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को प्रभावित किया। रात्रिकालीन कार्यक्रम में 400 से अधिक लोग शामिल हुए।
तस्वीर में ठाणे के तेरापंथ भवन में आयोजित 'खो गए हम कहाँ' कार्यक्रम के दौरान मुनिगण, महिला मंडल और कन्या मंडल के सदस्य मंच पर उपस्थित नजर आ रहे हैं।
मुंबई। तेरापंथ भवन, ठाणे में ‘खो गए हम कहाँ’ रात्रिकालीन कार्यक्रम के दौरान 400 से अधिक दर्शकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि कुलदीप कुमार एवं मुनि मुकुल कुमार के पावन सानिध्य में तथा तेरापंथ महिला मंडल, ठाणे के निर्देशन में तेरापंथ कन्या मंडल, ठाणे द्वारा ‘खो गए हम कहाँ’ विषय पर रोमांचक, प्रेरणादायी एवं अनूठी नाट्य प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि मुकुल कुमार द्वारा नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुआ। इसके बाद कन्या मंडल की कन्याओं ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। तेरापंथ महिला मंडल, ठाणे की अध्यक्ष संगीता चंडालिया ने स्वागत वक्तव्य के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों का अभिनंदन किया।
इसके पश्चात मुनि मुकुल कुमार ने हस्ताक्षर के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हस्ताक्षर के पीछे छिपे रहस्यों एवं उससे जुड़े व्यक्तित्व के महत्वपूर्ण पहलुओं को रोचक ढंग से समझाया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तेरापंथ कन्या मंडल द्वारा प्रस्तुत ‘खो गए हम कहाँ’ नाट्य प्रस्तुति रही। नाटक के माध्यम से आधुनिक जीवन की चुनौतियों, बदलती जीवनशैली एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाट्य प्रस्तुति में खुशी अंचलिया, राशि श्रीश्रीमाल, लविशा दुग्गड़, रितिका पामेचा, प्रेक्षा बाफना, मिष्टी बाफना, आरती कच्छारा, निधि कच्छारा, परी कच्छारा, रिया कोठारी एवं किंजल चोरड़िया ने विभिन्न किरदार निभाए। अपने उत्कृष्ट अभिनय एवं प्रस्तुति कौशल से उन्होंने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। सशक्त संवाद-अदायगी, भाव-भंगिमाओं एवं सामूहिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बना दिया।
प्रस्तुति को सफल बनाने में कन्या मंडल की प्रभारी कोमल श्रीश्रीमाल एवं सहप्रभारी अंजलि सिंघवी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कन्याओं को निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान करते हुए प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का कुशल संचालन कन्या मंडल प्रभारी कोमल श्रीश्रीमाल ने किया।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा, ठाणे के अध्यक्ष नरेश बाफना ने अपने वक्तव्य में कन्या मंडल की प्रतिभा, मेहनत एवं समर्पण की सराहना की। उन्होंने कन्याओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम कन्याओं की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जागरूकता का विकास करते हैं।
कार्यक्रम की सफलता में तेरापंथ सभा, तेरापंथ महिला मंडल एवं तेरापंथ कन्या मंडल के सामूहिक सहयोग, मार्गदर्शन एवं समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कन्याओं के उत्साहवर्धन एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रायोजकों का सहयोग भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। सभी के सहयोग एवं सहभागिता से यह कार्यक्रम एक यादगार एवं प्रेरणादायी आयोजन के रूप में सफल रहा। रात्रिकालीन कार्यक्रम में लगभग 400 से भी अधिक दर्शकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।