मुंबई स्थित बीएमसी की एक बहुमंजिला सार्वजनिक पार्किंग इमारत का मुख्य प्रवेश द्वार दिखाई दे रहा है।

मुंबई। मुंबई में पार्किंग की समस्या से परेशान नागरिकों को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बड़ी राहत दी है। बीएमसी ने अपने 37 सार्वजनिक पार्किंग स्थलों के 500 मीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को मंथली पार्किंग पास पर 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। इसके साथ ही पार्किंग स्थलों का संचालन करने वाले ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं।

बीएमसी के इस फैसले से विशेष रूप से पुरानी इमारतों और उन हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा, जहां निजी वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है या पार्किंग की जगह उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे स्थानीय निवासी अब आधी कीमत पर अपनी कारें बीएमसी के अधिकृत सार्वजनिक पार्किंग स्थलों में खड़ी कर सकेंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पार्किंग स्थलों के भीतर ठेकेदारों को किसी भी तरह की अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी पार्किंग स्थल में अनधिकृत गैरेज, कार-वॉश सेंटर, रिपेयरिंग वर्कशॉप या पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री जैसी गतिविधियां संचालित होती पाई गईं, तो संबंधित ठेकेदार पर पहली बार पकड़े जाने पर सीधे 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

बीएमसी ने बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे मामलों में संबंधित ठेकेदार का ठेका तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक पार्किंग स्थलों का पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करना और नागरिकों को बिना किसी परेशानी के बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

बीएमसी प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्थानीय निवासियों को मंथली पास जारी करने की प्रक्रिया सरल बनाई जाए और पार्किंग स्थलों पर ठेकेदारों की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए।

इसके साथ ही बीएमसी ने मुंबईकरों से 50 प्रतिशत छूट वाली इस योजना का लाभ उठाने और अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा करने के बजाय अधिकृत बीएमसी पार्किंग स्थलों में पार्क करने की अपील की है। एक ओर स्थानीय निवासियों को पार्किंग शुल्क में राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सख्त दंडात्मक प्रावधानों से सार्वजनिक पार्किंग स्थलों के संचालन में ठेकेदारों की मनमानी पर नियंत्रण रखने की कोशिश की गई है।

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