मुंबई में पेड़ों पर अवैध केबल लपेटने पर उठे सवाल, audit और जुर्माने की मांग
बीएमसी की वृक्ष प्राधिकरण बैठक में पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहीं टेलिकॉम केबलों को हटाने और 30 दिनों के भीतर विशेष रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव दिया गया।
तस्वीर में सड़क किनारे पेड़ के तने और शाखाओं पर बेतरतीब लपेटी गई केबल दिख रही है।
मुंबई। शहर में इंटरनेट, ऑप्टिकल फाइबर, ब्रॉडबैंड और केबल टीवी की लटकती तारें अब पेड़ों के अस्तित्व के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं। मंगलवार को मुंबई महानगरपालिका आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वृक्ष प्राधिकरण समिति की बैठक में पेड़ों पर लपेटी जा रही केबलों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
भाजपा पार्षद सिद्धार्थ शर्मा ने हरकत के मुद्दे के जरिए बीएमसी प्रशासन के सामने पेड़ों पर लपेटी जा रही केबलों को लेकर तीव्र नाराजगी जताई। उन्होंने इन्हें तत्काल हटाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि मुंबई में टेलिकॉम और केबल कंपनियां पेड़ों के तनों पर जबरन केबल लपेट रही हैं, फांदियों से तार बांध रही हैं और कीलों, स्क्रू या क्लैंप के जरिए तार जोड़ रही हैं। इससे पेड़ों के प्राकृतिक विकास में बाधा आ रही है। पेड़ों की छाल खराब हो रही है, शाखाएं कमजोर पड़ रही हैं और हवा-तूफान के दौरान उनके टूटने का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुंबई के पेड़ किसी निजी कंपनी की संपत्ति या बिजली के खंभे नहीं हैं। डिजिटल विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण की बलि देकर विकास नहीं होना चाहिए। उन्होंने बीएमसी के ‘वृक्ष संजीवनी अभियान’ के तहत पेड़ों के संरक्षण की बात रखते हुए पूरी मुंबई में ‘ट्री एंड केबल ऑडिट’ कराने का सुझाव दिया।
सिद्धार्थ शर्मा ने मांग की कि विशेष अभियान चलाकर 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाए कि कितने पेड़ों पर अवैध केबल लगी हैं। साथ ही अनधिकृत केबल हटाने और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना व कानूनी कार्रवाई की जाए। बैठक में उठे इस मुद्दे ने पेड़ों पर बेतरतीब ढंग से डाली जा रही केबलों से जुड़े पर्यावरणीय खतरे और उनके खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता को सामने रखा।