मुंबई में कचरा फेंकते ही बजेगा लाउडस्पीकर, BMC ने माहीम में लगाया पहला AI कैमरा
मुंबई के माहीम स्थित डॉ. आर. आर. मार्ग पर बीएमसी ने पहला AI आधारित सफाई कैमरा प्रयोग शुरू किया है। कचरा फेंकने की गतिविधि पहचानते ही लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जाएगी। जानिए कैसे काम करती है यह व्यवस्था और इसके सामने क्या चुनौती है।
मुंबई में खुले में कचरा फेंकने वालों पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के जरिए नजर रखी जा रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहर को साफ-सुथरा और कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से माहीम के डॉ. आर. आर. मार्ग पर मुंबई का पहला एआई आधारित सफाई निगरानी कैमरा प्रयोग शुरू किया है। यह कैमरा कचरा फेंकने की गतिविधियों की पहचान करने के साथ ही लाउडस्पीकर के जरिए संबंधित व्यक्ति को तत्काल चेतावनी भी देता है।
बीएमसी ने उन संवेदनशील स्थानों पर गंदगी रोकने के लिए यह व्यवस्था शुरू की है, जहां लोग लगातार कचरा फेंकते हैं। इस स्मार्ट कैमरे की खासियत यह है कि यह केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि खुले में कचरा फेंकने वालों को मौके पर ही टोकने के लिए लाउडस्पीकर से जुड़ा हुआ है।
जैसे ही कोई व्यक्ति प्रतिबंधित स्थान पर कचरा फेंकने के इरादे से आगे बढ़ता है, कैमरा उसकी गतिविधि को पहचान लेता है। इसके तुरंत बाद लाउडस्पीकर से तेज आवाज में चेतावनी दी जाती है। इसमें संबंधित व्यक्ति को बताया जाता है कि यह इलाका सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है और यहां कचरा फेंकना सख्त मना है।
अचानक सुनाई देने वाली चेतावनी से लोग कचरा फेंकने से रुक जाते हैं। इससे संबंधित स्थानों पर कचरे का ढेर जमा होने से रोकने में मदद मिलती है। बीएमसी की यह पहल लोगों की आदतों में सुधार लाने और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि, इस व्यवस्था की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए बीएमसी के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती भी है। जिन इलाकों में यह निगरानी व्यवस्था लागू की गई है, वहां कचरा उठाने वाली गाड़ियों का नियमित रूप से और तय समय पर पहुंचना जरूरी होगा। कचरा संग्रहण की व्यवस्था समय पर होने से नागरिकों को अपना कचरा निर्धारित स्थान पर डालने में सुविधा मिलेगी।
बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से सड़कों पर कचरा नहीं फैलाने और शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सहयोग करने की अपील की है। एआई कैमरे और लाउडस्पीकर के जरिए निगरानी की यह पहल खुले में कचरा फेंकने की समस्या पर अंकुश लगाने के साथ ही मुंबई में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास का हिस्सा है।