मुंबई की सड़क पर सफाई करते बीएमसी कर्मचारी और पानी छिड़कती मशीन दिख रही है।

मुंबई। शहर की हवा में घुलती धूल पर नियंत्रण पाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का विशेष स्वच्छता अभियान तेज हो गया है। बीएमसी आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे के सख्त निर्देशों के तहत 28 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक चलाए जा रहे इस 9 दिवसीय अभियान के दूसरे दिन 29 अक्टूबर को 29 प्रमुख मार्गों पर कुल 69.55 किलोमीटर लंबी सड़कों की गहन सफाई की गई। इस दौरान सड़कों के किनारों पर जमा 39.75 टन धूल और 115 टन निर्माण कार्य का मलबा हटाकर उसका सुरक्षित वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया गया, ताकि यह दोबारा हवा में फैलकर प्रदूषण न बढ़ाए।

बीएमसी के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की ओर से संचालित इस विशेष अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा और उप आयुक्त किरण दिघावकर कर रहे हैं। अभियान के तहत मुंबई के सभी 26 प्रशासनिक वार्डों की 146 प्रमुख सड़कों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें बीकेसी कनेक्टर, सांताक्रूज-चेंबूर लिंक रोड, ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, जेवीएलआर, घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड, एस.वी. रोड और लिंक रोड जैसे व्यस्त एवं धूल से प्रभावित प्रमुख मार्ग शामिल हैं।

सड़कों की सफाई के लिए मशीनों और सफाईकर्मियों को बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है। अभियान के दौरान सड़कों की गहन सफाई के साथ डिवाइडर, फुटपाथ और कर्ब स्टोन की धुलाई की जा रही है। इसके अलावा, एंटी-स्मॉग और मिस्टिंग मशीनों के जरिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे सफाई के दौरान धूल हवा में फैलने से रोकी जा सके।

इस व्यापक अभियान को सफल बनाने के लिए बीएमसी के 541 सफाई कर्मचारी और 471 स्वयंसेवक दिन-रात काम कर रहे हैं। सफाई कार्य में 18 जेसीबी, 20 डंपर, 21 मल्टीपर्पज मिस्टिंग मशीनें, 21 मैकेनिकल पावर स्वीपर, 6 ई-स्वीपर और 6 डिवाइडर क्लीनिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बीएमसी प्रशासन का कहना है कि मशीनों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों से आने वाले दिनों में मुंबई की हवा की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। प्रशासन ने नागरिकों से खुले में कचरा और निर्माण मलबा नहीं फेंकने की अपील करते हुए विशेष स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का आग्रह किया है। अभियान के दूसरे दिन 69.55 किलोमीटर सड़कों की सफाई और कुल 154.75 टन धूल एवं मलबे के निपटारे के साथ बीएमसी ने शहर में धूल से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयास तेज किए हैं।

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