मुंबई में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मुंबई उपनगर के पालक मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने सख्त कदम उठाने की सिफारिश की है। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर पूरे बीएमसी क्षेत्र में सप्ताह में कम से कम एक दिन सभी तरह के निर्माण और तोड़फोड़ के काम बंद रखने का सुझाव दिया है। आगामी सर्दियों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए उन्होंने तत्काल प्रभावी उपाय लागू करने पर जोर दिया है।

पालक मंत्री आशीष शेलार ने अपने पत्र में मुंबई उच्च न्यायालय की ओर से हवा की गिरती गुणवत्ता पर जताई गई चिंता और आम नागरिकों से मिली शिकायतों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मौजूदा उपायों के साथ अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है। इसके तहत मुंबई के लिए तत्काल 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' तैयार करने का सुझाव दिया गया है, ताकि वायु गुणवत्ता खराब होने पर पहले से निर्धारित कड़े नियम स्वतः लागू हो सकें।

शेलार ने बीएमसी की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की है। उन्होंने बताया कि महानगरपालिका 3,166 निर्माण स्थलों पर सेंसर के माध्यम से निगरानी कर रही है। इसके अलावा, बेकरियों में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2017-18 से पीएम-10 के स्तर में 48 प्रतिशत की कमी आने को भी उन्होंने सकारात्मक कदम बताया। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद उन्होंने प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल और ठोस कार्ययोजना लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों की सफाई के लिए मंत्री ने कई उपाय सुझाए हैं। उन्होंने एसटीपी के रिसाइक्लिंग पानी से प्रदूषण प्रभावित इलाकों और प्रमुख सड़कों की धुलाई करने, रात के समय मशीनों से सड़कों की सफाई कराने तथा एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही सड़कों पर बने गड्ढों को समय पर भरने पर भी जोर दिया है।

कचरा जलाने और अवैध रूप से मलबा फेंकने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए शेलार ने बीएमसी को एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट शुरू करने का सुझाव दिया है। इससे नागरिक ऐसी गतिविधियों की शिकायत दर्ज करा सकेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।

वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। शेलार ने यातायात पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के समन्वय से धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कड़ी पाबंदी लगाने का सुझाव दिया है। साथ ही, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना भारी वाहनों के मुंबई में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।

औद्योगिक प्रदूषण कम करने के लिए मंत्री ने कोकरिला और कोयले के स्थान पर हरित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए उद्योगों को कम ब्याज दर पर कर्ज और टैक्स में छूट देने का सुझाव दिया गया है, ताकि वे स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों।

आशीष शेलार ने बीएमसी प्रशासन को नागरिकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और उद्योगपतियों के साथ मिलकर महानगरपालिका के सभी 26 वार्डों में बैठकें आयोजित करने का निर्देश भी दिया है। इन बैठकों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल उपायों के साथ दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया है। निर्माण गतिविधियों पर साप्ताहिक रोक के सुझाव से लेकर वाहनों, सड़कों और औद्योगिक क्षेत्रों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण तक, प्रस्तावित उपायों का उद्देश्य मुंबई में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

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