मुंबई में एसी लोकल दो घंटे तक ट्रैक पर फंसी, इमरजेंसी बटन दबाकर पटरी पर उतरे यात्री
मुलुंड-नाहर के बीच दो घंटे तक एसी लोकल रुकने से बिजली-हवा गुल हो गई। गर्मी से बेहाल यात्रियों ने इमरजेंसी बटन दबाकर ट्रैक पर उतरकर सफर तय किया।
मुंबई में सोमवार की सुबह लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए परेशानी भरी रही। मुलुंड और नाहर स्टेशनों के बीच तकनीकी खराबी के कारण कल्याण से सीएसएमटी जाने वाली एसी लोकल ट्रेन करीब दो घंटे तक बीच रास्ते में खड़ी रही। ट्रेन में हवा और बिजली की समस्या के बीच यात्री गर्मी और घुटन से बेहाल हो गए। लंबे समय तक मदद नहीं मिलने पर दर्जनों यात्रियों ने इमरजेंसी बटन का इस्तेमाल कर ऑटोमैटिक दरवाजे खोले और जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पर उतरने को मजबूर हो गए।
प्रातःकाल संवाददाता के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह की है। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा अपनी रफ्तार के लिए जानी जाती है, लेकिन इस घटना ने यात्रियों को बीच रास्ते में होने वाली परेशानियों का सामना करने पर मजबूर कर दिया। जानकारी के मुताबिक, एक यात्री कल्याण से सीएसएमटी की ओर जाने वाली एसी लोकल में सवार हुआ था। ट्रेन पहले से ही अपने निर्धारित समय से करीब 30 मिनट की देरी से चल रही थी।
इसके बाद मुलुंड और नाहर स्टेशनों के बीच तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन सुबह 11:15 बजे से दोपहर 1:20 बजे तक एक ही जगह पर खड़ी रही। शुरुआत में कल्याण से रवाना हुई ट्रेन यात्रियों से बुरी तरह भरी हुई थी। बीच रास्ते में घंटों तक ट्रेन के रुके रहने और हवा व बिजली की समस्या होने से यात्रियों को गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे यात्रियों की परेशानी बढ़ती गई और ट्रेन के अंदर घबराहट का माहौल बन गया।
करीब दो घंटे तक कोई मदद नहीं मिलने पर यात्रियों का सब्र जवाब दे गया। इसके बाद उन्होंने ट्रेन में दिए गए इमरजेंसी बटन का इस्तेमाल कर ऑटोमैटिक दरवाजे खोले। दर्जनों यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर नाहर स्टेशन के पास ट्रेन से उतर गए और रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कैब या दूसरी गाड़ियों से अपने दफ्तर अथवा घर पहुंचने की कोशिश की।
इस घटना में ट्रेन की देरी भी यात्रियों की परेशानी की वजह बनी। जो ट्रेन सुबह 11 बजे तक दादर पहुंच जानी चाहिए थी, वह करीब तीन घंटे की देरी के बाद दोपहर 1:59 बजे अपने गंतव्य तक पहुंच पाई। तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को लंबे समय तक ट्रेन में फंसे रहना पड़ा और आखिरकार उन्हें पटरियों पर उतरकर रास्ता तय करना पड़ा।
मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा में हुई इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों की समयबद्धता और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बीच रास्ते में तकनीकी खराबी के दौरान यात्रियों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी और वे सुरक्षित निकास के लिए खुद रास्ता तलाशने को मजबूर हुए।