धारावी में मतदाता सूची नियम उल्लंघन पर FIR, एक दिन में जमा किए 24 फॉर्म-7
बीएमसी की जांच में एक ही दिन में तय सीमा 10 से अधिक आवेदन जमा करने का मामला उजागर, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत पुलिस ने दर्ज किया केस।
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान धारावी विधानसभा क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। यहां एक ही व्यक्ति ने एक दिन में फॉर्म-7 के 24 आवेदन जमा कर दिए, जबकि भारत निर्वाचन आयोग के नियमानुसार एक व्यक्ति एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म-7 ही दाखिल कर सकता है। निर्धारित सीमा से अधिक आवेदन जमा किए जाने का मामला सामने आने के बाद बीएमसी प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई में 31 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई थी। इसके बाद नागरिकों को 31 अगस्त से 26 अक्टूबर तक मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया था। इसी अवधि के दौरान 178-धारावी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धारावी स्थित 90 फीट मार्ग, गंगाधरलाल चाल के निवासी गिरिधारी स्वामीनाथ जायसवाल ने एक ही दिन में 24 फॉर्म-7 भरकर जमा किए।
बीएमसी प्रशासन ने प्राप्त आवेदनों की जांच की तो निर्धारित सीमा से अधिक फॉर्म जमा किए जाने का मामला सामने आया। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म-7 दाखिल किए जा सकते हैं। इसके बावजूद एक ही व्यक्ति की ओर से 24 आवेदन जमा किए जाने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की।
मतदाता सूची से जुड़े आवेदनों में जानबूझकर गलत या फर्जी जानकारी देना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत मामले को गंभीर मानते हुए बीएमसी अधिकारियों ने धारावी पुलिस स्टेशन में गिरिधारी स्वामीनाथ जायसवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मतदाता सूची में सुधार कराने या किसी मतदाता का नाम हटाने से संबंधित प्रक्रिया के दौरान केवल सही जानकारी ही दर्ज करें और निर्धारित नियमों का पालन करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन करने या गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। धारावी में सामने आया यह मामला मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान जमा किए जाने वाले आवेदनों की जांच और निर्धारित नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित करता है।