बीएमसी ने 50 शिक्षकों को किया सम्मानित, पुरस्कार राशि बढ़ाई
महापौर रितू तावड़े ने आदर्श शिक्षक महापौर पुरस्कार समारोह में अगले वर्ष से पुरस्कार राशि 11 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की घोषणा की।
मुंबई के रानी बाग में बीएमसी महापौर रितू तावड़े ने शिक्षकों को आदर्श शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया।
मुंबई में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 50 शिक्षकों को आदर्श शिक्षक महापौर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से आयोजित ‘आदर्श शिक्षक महापौर पुरस्कार सन 2025-26’ समारोह में महापौर रितू तावड़े ने शिक्षकों के समर्पण और योगदान को सम्मानित करते हुए अगले वर्ष से पुरस्कार राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की घोषणा की।
भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले उद्यान (रानी बाग) के पेंग्विन सभागार में आयोजित इस समारोह में प्राथमिक, माध्यमिक और विशेष विद्यालयों के 50 प्रयोगशील शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इन शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और उनके भीतर नैतिक मूल्यों को विकसित करने में योगदान दिया है।
समारोह को संबोधित करते हुए महापौर रितू तावड़े ने कहा कि वर्तमान दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक का है, जहां किसी भी सवाल का जवाब एक क्लिक में मिल सकता है। हालांकि, कोई भी मशीन या एल्गोरिदम किसी दुखी बच्चे के आंसू पोंछकर उसके हाथ पर भरोसे का स्पर्श नहीं दे सकता। तकनीक सूचना उपलब्ध करा सकती है, लेकिन किसी बच्चे को संवेदनशील और बेहतर इंसान बनाने की क्षमता केवल शिक्षक में होती है।
महापौर ने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल रटंत विद्या तक सीमित न रखें, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य, खुशी और रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बीएमसी स्कूलों के प्रत्येक छात्र को सशक्त और तनावमुक्त नागरिक बनाना है।
इस अवसर पर महापौर ने पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए बताया कि अगले वर्ष से आदर्श शिक्षक महापौर पुरस्कार के तहत मिलने वाली राशि 11 हजार रुपये के बजाय 25 हजार रुपये होगी। इस फैसले से पुरस्कार के तहत शिक्षकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में उप महापौर संजय घाड़ी, शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर और उप आयुक्त डॉ. प्राची जांभेकर सहित कई गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह शिक्षक का स्थान नहीं ले सकती।
बीएमसी की ओर से प्राथमिक, माध्यमिक और विशेष विद्यालयों के 50 शिक्षकों को दिया गया यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और प्रयोगशील कार्यों की पहचान बना। वहीं, अगले वर्ष से पुरस्कार राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की घोषणा ने इस सम्मान को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव भी सामने रखा।