जेएनपीटी को मिला फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा तोहफा, मालगाड़ियों की रफ्तार से बदलेगा माल परिवहन
जेएनपीटी से 326 किमी लंबे फ्रेट कॉरिडोर का उद्घाटन, पहली डबल-स्टैक मालगाड़ी रवाना; माल परिवहन का सफर 10-12 घंटे में होगा।
तस्वीर में फूलों से सजी एक नीली मालगाड़ी रेलवे ट्रैक पर आगे बढ़ रही है।
भारत के व्यापार और मालवाहतुक क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी यानी जेएनपीटी से देश के विभिन्न हिस्सों में माल भेजने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए 326 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का उद्घाटन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समर्पित फ्रेट कॉरिडोर का लोकार्पण किया और जेएनपीटी से पहली डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस परियोजना से व्यापार को बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। नई रेल लाइन शुरू होने से सड़क मार्ग से 30 घंटे में पूरा होने वाला सफर अब ट्रेन के जरिए मात्र 10 से 12 घंटों में पूरा हो सकेगा।
एक डबल-स्टैक मालगाड़ी 250 से अधिक भारी ट्रकों के बराबर माल एक साथ ले जा सकती है। इससे ईंधन की भारी बचत होगी, सामान पहुंचाने की लागत घटेगी और राजमार्गों पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से आम लोगों को भी राहत मिलेगी।
यह रेल मार्ग महाराष्ट्र के रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों से होकर गुजरता है। इसमें राज्य के भीतर 178 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछाया गया है, जिस पर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आया है।
मालगाड़ियों के लिए अलग पटरी बनने से आम यात्री ट्रेनों का मार्ग भी साफ होगा, जिससे उनके समय पर संचालन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने इसे देश के परिवहन क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
बीएमसी क्षेत्रों और आसपास के व्यापारिक नेटवर्क के लिए भी यह विकास एक नया मोड़ साबित होगा। 326 किलोमीटर लंबे इस समर्पित रेल मार्ग के शुरू होने से माल परिवहन की गति बढ़ने के साथ सड़क परिवहन पर दबाव कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण बदलाव सामने आएगा।