बेस्ट कर्मचारियों के वेतन सुधार प्रस्ताव को बीएमसी की मंजूरी, 38 हजार को मिलेगा लाभ
सातवें वेतन आयोग और समान काम के बदले समान वेतन की सिफारिश से लगभग 38,200 बेस्ट कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक फायदा होगा।
मुंबई। मुंबई के सार्वजनिक परिवहन उपक्रम बेस्ट के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर बीएमसी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बीएमसी की साधारण सभा में बेस्ट कर्मचारियों के वेतन सुधार, अस्थाई कर्मचारियों की सेवा अवधि के आधार पर वेतन तय करने और वेट लीज कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। साथ ही इन्हें महाराष्ट्र सरकार की समिति के पास भेजने की सिफारिश की गई है।
बीएमसी के इस कदम से बेस्ट के लगभग 38 हजार 200 कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। बीएमसी समिति ने वर्ष 2016 से 2025 तक की अवधि के लिए राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर सातवें वेतन आयोग के अनुसार सुधारे गए वेतन को लागू करने की सिफारिश की है। नए वेतन करार से करीब 27 हजार नियमित कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा।
इसके साथ ही अनुबंध यानी वेट लीज पर काम करने वाले लगभग 9 हजार कर्मचारियों को भी पक्के कर्मचारियों के बराबर वेतन देने की सिफारिश की गई है। इस प्रस्ताव से ठेका कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। वहीं, दैनिक और अस्थाई रूप से काम कर रहे 2 हजार से अधिक कर्मचारियों को भी सेवा में शामिल होने की तारीख से आर्थिक लाभ देने की योजना बनाई गई है।
महाराष्ट्र बीएमसी अधिनियम के तहत पूरे प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए राज्य सरकार की विशेषज्ञ समिति के पास भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी।
बीएमसी प्रशासन का मानना है कि कर्मचारियों की मांगें पूरी होने से बेस्ट की सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी। इसका सीधा फायदा रोजाना सफर करने वाले लाखों मुंबईकरों को मिलेगा। ऐसे में प्रस्ताव को राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बेस्ट के करीब 38 हजार 200 कर्मचारियों और उनके परिवारों पर इसका व्यापक आर्थिक असर पड़ने की उम्मीद है।