तस्वीर में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना स्थल पर टीबीएम ‘तुलसी’ के पास सुरक्षा हेलमेट और जैकेट पहने इंजीनियर व अधिकारी खड़े दिखाई दे रहे हैं।

मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना में सुरंग निर्माण का काम सोमवार, 17 अगस्त 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। बीएमसी की 12.20 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के चरण 3 (बी) के तहत गोरेगांव (पूर्व) की फिल्म सिटी से मुलुंड (पश्चिम) के अमर नगर के बीच संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे 5.30 किलोमीटर लंबी दोहरी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है।

इस सुरंग की खुदाई के लिए विशालकाय टीबीएम को उतारा गया है, जिसका नाम ‘तुलसी’ रखा गया है। अत्याधुनिक अर्थ प्रेशर बैलेंस तकनीक से होने वाली खुदाई का उद्देश्य संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण और वन्यजीवों को नुकसान से बचाना है। प्रत्येक सुरंग में तीन-तीन लेन होंगी।



 





सुरक्षा व्यवस्था के तहत सुरंगों में मिस्ट-बेस्ड अग्निशमन प्रणाली, सीसीटीवी, स्वचालित वेंटिलेशन और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों के नीचे 1800 मिमी व्यास की पानी की पाइपलाइन बिछाने की व्यवस्था भी परियोजना में की गई है।

परियोजना से प्रभावित लगभग 906 लोगों का कांजुरमार्ग में बहुमंजिला इमारतों में पुनर्वास किया जा रहा है। वर्तमान में परियोजना का लगभग 21 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पहली टीबीएम ‘तुलसी’ ने खुदाई का काम शुरू कर दिया है, जबकि दूसरी टीबीएम मशीन अक्टूबर 2026 से काम शुरू करेगी।

बीएमसी ने पूरे ड्रीम प्रोजेक्ट को फरवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना पूरी होने के बाद वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे सीधे आपस में जुड़ जाएंगे।

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड शुरू होने के बाद दोनों उपनगरों के बीच यात्रा का समय 90 मिनट से घटकर महज 20 मिनट रह जाने की उम्मीद है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने के साथ मुंबईकरों के समय और ईंधन की भी भारी बचत होगी।

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