डोंबिवली में तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं।

डोंबिवली में महिलाओं के आत्मविश्वास, संघर्ष और छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने के उद्देश्य से तेरापंथ महिला मंडल की ओर से ‘डोंबिवली युवती गॉट टैलेंट – द शोकेस’ एवं ‘मेरी शक्ति की कहानी’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में स्थानीय तेरापंथ भवन में आयोजित कार्यक्रम की प्रेरक भावना “या देवी सर्वभूतेषु… डिस्कवर योर शक्ति” रही। इसमें महिलाओं और युवतियों ने अपने जीवन के अनुभवों तथा विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षक एवं परामर्शक बहनों द्वारा नवकार मंत्र के मंगल स्मरण से हुआ। इसके बाद तेरापंथ महिला मंडल की बहनों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। मंडल अध्यक्ष सुधा सियाल ने उपस्थित सभी बहनों का स्वागत किया।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में ‘मेरी शक्ति की कहानी’ के अंतर्गत बहनों ने अपने जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाएं साझा कीं। इन अनुभवों में संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से जुड़े प्रसंग शामिल रहे। महिलाओं की जीवन यात्रा से जुड़े इन अनुभवों ने उपस्थित बहनों को भावविभोर किया और विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत बनाए रखने तथा अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने की प्रेरणा दी।

दूसरे चरण में ‘डोंबिवली युवती गॉट टैलेंट’ का आयोजन हुआ। इसमें प्रतिभागियों ने आर्ट एवं क्राफ्ट, क्रिएटिविटी, कविता, भाषण, एक्ट और कॉमेडी एक्ट जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से युवतियों को अपनी रचनात्मकता और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में सजीली एवं चेतना करानी को निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया गया था। मंडल अध्यक्ष सुधा सियाल ने भी निर्णायक की भूमिका निभाते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रतियोगिता के परिणामों में एक्ट विधा में निकिता इंटोदिया, कविता में मोनिका धाकड़ और भावना मादरेचा, क्रिएटिविटी में प्रज्ञा कच्छारा और रुचिता धाकड़ तथा भाषण में नीता ओस्तवाल और खुशबू डागलिया विजेता रहीं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरी कोर टीम का सराहनीय योगदान रहा। विशेष रूप से युवती प्रभारी करिश्मा कोठारी एवं नम्रता परमार ने आयोजन और संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन सहमंत्री नैना कच्छारा एवं नम्रता परमार ने किया, जबकि मंत्री मीना धाकड़ ने आभार ज्ञापन किया।

इस अवसर पर मंडल की संरक्षक, परामर्शक, कार्यसमिति एवं कोर टीम की बहनों की गरिमामय उपस्थिति रही। दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, जीवन के अनुभवों से प्रेरणा लेने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए मंच मिला।

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