मुंबई में 19.20 लाख बच्चों को मिलेगी पेट के कीड़े मारने की दवा, बीएमसी का विशेष अभियान
पेट के कीड़ों से मुक्ति और कुपोषण दूर करने के लिए स्कूलों व आंगनवाड़ियों में नि:शुल्क दवा दी जाएगी, छूटे बच्चों के लिए 3 नवंबर को मॉप-अप राउंड होगा।
मुंबई में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 27 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस के अवसर पर विशेष स्वास्थ्य अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत मुंबई में 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के लगभग 19,20,015 बच्चों को पेट के कीड़े मारने वाली दवा मुफ्त में खिलाई जाएगी। बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बच्चों में खून की कमी की समस्या को दूर करना और उनके शारीरिक व मानसिक विकास में आने वाली बाधाओं को खत्म करना है।
इस व्यापक जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने के लिए बीएमसी प्रशासन ने मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में आवश्यक इंतजाम किए हैं। अभियान के तहत योग्य बच्चों को दवा देने के लिए बीएमसी के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सेविकाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि बच्चों को निर्धारित तरीके से दवा की खुराक दी जा सके।
डॉक्टरों के अनुसार, पेट में कीड़ों का संक्रमण होने से बच्चों के शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। इसके कारण बच्चे बार-बार बीमार पड़ सकते हैं और उनका शारीरिक व मानसिक विकास प्रभावित होता है। ऐसे में बच्चों को कृमिमुक्त रखने के साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
बीएमसी प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को दवा जरूर खिलाएं। दवा देते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चे उसे अच्छी तरह चबाकर खाएं और इसके बाद साफ पानी पिएं। प्रशासन ने अभियान के दौरान दवा खिलाने की प्रक्रिया में निर्धारित सावधानियों का पालन करने पर भी जोर दिया है।
यदि कोई बच्चा किसी कारणवश 27 अक्टूबर 2026 को दवा खाने से वंचित रह जाता है, तो उसके अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे बच्चों को दवा देने के लिए बीएमसी की ओर से 3 नवंबर 2026 को विशेष मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा, ताकि अभियान के तहत छूटे हुए बच्चों तक भी पहुंच बनाई जा सके।
बीएमसी ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को कृमिमुक्ति की दवा अवश्य दिलाने और इसके लिए नजदीकी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करने की अपील की है। मुंबई में 19,20,015 बच्चों को लक्षित कर चलाया जा रहा यह अभियान बच्चों में पोषण संबंधी समस्याओं को दूर करने और उनके बेहतर स्वास्थ्य व समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।