मुंबई में दिवाली पर प्रदूषण रोकने को BMC की सख्ती, बिल्डरों पर होगी कार्रवाई
उच्च न्यायालय के निर्देशों पर बीएमसी आयुक्त ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और शांत क्षेत्रों में आतिशबाजी पर रोक के निर्देश दिए हैं।
मुंबई में दिवाली के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बीएमसी ने सख्ती बढ़ा दी है। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए बीएमसी आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों पर धूल नियंत्रण की पूरी जिम्मेदारी संबंधित बिल्डरों और डेवलपर्स की तय करते हुए लापरवाही पर तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रातःकाल संवाददाता के अनुसार, बीएमसी आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मुंबई उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों पर वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी निर्माण स्थल पर वायु गुणवत्ता मापने वाले सेंसर बंद मिले या उनमें गलत आंकड़े प्रदर्शित होते पाए गए, तो संबंधित बिल्डरों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए आयुक्त ने सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों के साथ स्कूलों, अस्पतालों, अदालतों तथा सरकारी कार्यालयों जैसे शांत क्षेत्रों में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध की जानकारी दी। उन्होंने सभी वार्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन नियमों का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही, नागरिकों को प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों के बजाय केवल ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाए।
इस दिशा में सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। बीएमसी द्वारा जारी 28-सूत्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है।
आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर सड़कों पर भी दिखाई देना चाहिए। इसके लिए सड़कों की नियमित धुलाई, आधुनिक मशीनों से सफाई और धूल नियंत्रण अभियानों को तेज किया जाएगा। बीएमसी की इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मुंबई में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करना और नागरिकों को स्वच्छ एवं सांस लेने योग्य हवा उपलब्ध कराने के प्रयासों को प्रभावी बनाना है।