2029 तक कोहिमा पहुंचेगी रेल: महाप्रबंधक आशीष बंसल ने डिमापुर-कोहिमा परियोजना की प्रगति परखी
डिमापुर-कोहिमा नई रेल लाइन परियोजना का महाप्रबंधक आशीष बंसल ने निरीक्षण किया। 2029 तक पूरी होने वाली परियोजना नागालैंड की रेल कनेक्टिविटी बदल देगी।
तस्वीर में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक आशीष बंसल (दाएं) अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन रेलवे सुरंग के अंदर निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक श्री आशीष बंसल ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डिमापुर (धनसिरी)–कोहिमा (ज़ुब्ज़ा) नई रेल लाइन परियोजना का विस्तृत निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। रेलवे (निर्माण) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उन्होंने परियोजना के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया, जिनमें सुरंगें, बड़े पुल, स्टेशन यार्ड और अन्य निर्माणाधीन स्थल शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फील्ड अधिकारियों और इंजीनियरों से बातचीत कर गुणवत्ता, सुरक्षा और इंजीनियरिंग के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष बल दिया।
डिमापुर (धनसिरी)–कोहिमा (ज़ुब्ज़ा) नई रेल लाइन परियोजना पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की सबसे महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरा होने पर नागालैंड की राजधानी कोहिमा पहली बार राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ेगी, जिसे पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। 78.42 किलोमीटर लंबी यह परियोजना असम के कार्बी आंगलांग जिले तथा नागालैंड के चुमोकेडिमा और कोहिमा जिलों से होकर गुजरती है। परियोजना में धनसिरी, धनसिरीपार, शोखुवि, मॉलवॉम, फेरिमा, पिफेमा, मेंगुज़ुमा और ज़ुब्ज़ा सहित आठ स्टेशन शामिल हैं। इनमें धनसिरी, शोखुवि और मॉलवॉम स्टेशन पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।
परियोजना के तहत इंजीनियरिंग कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। इसमें कुल 31,169 मीटर लंबाई की 20 सुरंगें, 27 बड़े पुल और 149 छोटे पुल शामिल हैं, जो नागालैंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे निर्माण की जटिलता को दर्शाते हैं।
इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जा रहा है। 16.5 किलोमीटर लंबे धनसिरी-शोखुवि सेक्शन का संचालन अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ था, जबकि 14.64 किलोमीटर लंबे शोखुवि-मॉलवॉम सेक्शन को मार्च 2025 में चालू किया गया। वर्तमान में शोखुवि से गुवाहाटी और नाहरलगुन के लिए नियमित रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं। वहीं, नागालैंड के तीसरे बड़े रेलवे स्टेशन मॉलवॉम के चालू होने से राज्य की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिली है।
चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों और जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों के बावजूद शेष सेक्शनों पर निर्माण कार्य तेज गति से और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। परियोजना को सुरक्षित एवं कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है तथा कई सुरंगों पर एक साथ कार्य के साथ निरंतर निगरानी भी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान श्री आशीष बंसल ने इंजीनियरों और निर्माण टीमों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कार्य की गति बनाए रखने, सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने डिमापुर (धनसिरी)–कोहिमा (ज़ुब्ज़ा) नई रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में रेल संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन और बाजारों तक पहुंच अधिक सुगम बनेगी। साथ ही यह नागालैंड और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।