बीएमसी में 695 इंजीनियरों के तबादले, पहली बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शिता पर जोर
मुंबई बीएमसी ने कमिश्नर अश्विनी भिड़े की मंजूरी के बाद 695 इंजीनियरों के तबादले ऑनलाइन किए। जानिए 152 कनिष्ठ, 444 उप और 99 सहायक अभियंताओं के स्थानांतरण में क्या रही प्रक्रिया और किन कर्मचारियों को मिली विशेष प्राथमिकता।
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने इंजीनियर संवर्ग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 695 इंजीनियरों के तबादले किए हैं। इस बार कनिष्ठ, उप और सहायक अभियंताओं की पूरी तबादला प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की गई। बीएमसी कमिश्नर श्रीमती अश्विनी भिड़े की विशेष मंजूरी के बाद लागू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य तबादलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना तथा सभी इंजीनियरों को समान अवसर प्रदान करना है।
इस प्रक्रिया के तहत कुल 695 इंजीनियरों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 152 कनिष्ठ अभियंता, 444 उप अभियंता और 99 सहायक अभियंता शामिल हैं। ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से इंजीनियरों को बीएमसी के विभिन्न विभागों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें अलग-अलग विभागों में काम करने का अनुभव प्राप्त होगा और प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने में भी मदद मिलेगी।
बीएमसी के वर्ष 2021 में निर्धारित नियमों के अनुसार, किसी विभाग में तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक सेवा दे चुके 25 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रत्येक वर्ष तबादला किया जाता है। इस बार प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने के लिए निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई थी।
समिति ने तबादलों के दौरान कर्मचारियों की व्यक्तिगत और मानवीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा। इसमें गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारी, गर्भवती महिलाएं, दिव्यांग और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारी शामिल थे। इन सभी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तबादला प्रक्रिया पूरी की गई।
बीएमसी ने सभी पात्र इंजीनियरों से 5 सितंबर से 20 सितंबर 2026 के बीच ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन के दौरान इंजीनियरों को अपनी पसंद के विभागों के विकल्प चुनने की स्वतंत्रता दी गई थी। इसी आधार पर ऑनलाइन माध्यम से तबादलों की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस व्यवस्था के बाद कर्मचारियों में संतोष का माहौल है। ऑनलाइन आवेदन और विभागों के विकल्प चुनने की सुविधा से तबादला प्रक्रिया में सभी योग्य इंजीनियरों को समान अवसर मिला है। बीएमसी का यह प्रशासनिक कदम विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और इंजीनियरों को विभिन्न विभागों में कार्यानुभव उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे महानगरपालिका के प्रशासनिक कामकाज और मुंबई में चल रहे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।