आचार्य भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष संपन्नता पर दक्षिण मुंबई में दो दिवसीय आयोजन, भक्ति और मर्यादा का संदेश

मुंबई में तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई द्वारा शासन श्री साध्वी कंचनप्रभा ठाणा 5 के सान्निध्य में आचार्य भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष संपन्नता का दो दिवसीय आयोजन हुआ। भक्ति, मर्यादा, ज्ञानशाला संपर्क पखवाड़ा और धम्म जागरण की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।

Update: 2026-07-30 11:14 GMT

तस्वीर में आचार्य तुलसी सभा गृह, दक्षिण मुंबई में साध्वीवृंद, श्रावक और पदाधिकारी सामूहिक रूप से नजर आ रहे हैं।

मुंबई। तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई द्वारा आचार्य भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष संपन्नता के उपलक्ष्य में शासन श्री साध्वी कंचनप्रभा ठाणा 5 के सान्निध्य में दो दिवसीय कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आचार्य भिक्षु के जीवन, मर्यादा, अनुशासन और तेरापंथ धर्मसंघ की परंपराओं को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के साथ हुआ। इसके बाद साध्वी श्री ने “भिक्षु मारे प्रगट्या जी भरत खेतर में” एवं “सुगुरु को वंदन बारंबार” गीतों का संगान किया। शासन श्री ने तेरापंथ धर्मसंघ, आचार्य भिक्षु तथा उनकी मर्यादा और अनुशासन की विस्तृत व्याख्या की। साध्वी वृन्द ने भी गीत प्रस्तुत किया तथा आचार्य भिक्षु का जीवन वृत्त चित्रहार के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मंगलाचरण ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं द्वारा किया गया। इस दौरान ज्ञानशाला संपर्क पखवाड़ा के बैनर का अनावरण करते हुए सभी श्रावकों से बच्चों को ज्ञानशाला भेजने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का संचालन मंत्री पवन बोलिया ने किया, जबकि आभार दिनेश धाकड़ ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावकों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के द्वितीय दिवस की शुरुआत प्रातः आषाढ़ शुक्ल 13 को शासन श्री साध्वी श्री के नमस्कार महामंत्र के साथ हुई। इसके पश्चात सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। साध्वी श्री ने अपने उद्बोधन में आचार्य भिक्षु की मर्यादा और गुणों का उल्लेख किया। इस अवसर पर फाउंडेशन अध्यक्ष कुंदन मल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया, सभा अध्यक्ष देवेंद्र डागलिया, सभा निवर्तमान अध्यक्ष सुरेश डागलिया तथा उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

शाम को “धम्म जागरण” का भक्तिमय आयोजन हुआ, जिसमें कुल 23 प्रतिभागियों ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण गीत प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति में आचार्य परम्परा, धर्म, साधना एवं गुरु भक्ति के भावों का सुंदर समावेश देखने को मिला, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर हो गया। प्रतिभागियों में अशोक बरलोटा, वनिता धाकड़, रीतिका सिसोदिया, मनोज झाबक, रुचि बोराना, लतिका डागलिया, पुष्पा कछारा, सौरभ बरमेचा, दिनेश धाकड़, शर्मिला धाकड़, निर्मला धाकड़, रेखा बरलोटा, रेखा बरलोटा, दिनिशा निम्जा, नरेंद्र बरमेचा, संगीता बोलिया, नितेश धाकड़, प्रियंका सुराणा, पूजा सुराणा, सक्षम सिंघवी, महक ओस्तवाल, छनक कछारा और शालीन बरमेचा शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान साध्वीवृंद ने भी सामूहिक रूप से अपनी मधुर स्वर लहरियों से एक सुंदर गीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन अवसर पर सभी 23 प्रतिभागी एक साथ मंच पर उपस्थित हुए और सामूहिक स्वर में “हमारे भाग्य बड़े बलवान” तथा “तेरस री है रात” गीतों की मनोहारी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की जानकारी दक्षिण मुंबई सभा के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ ने दी।

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