तस्वीर में खेत के पास पिंजरे के दोनों ओर वन विभाग कर्मचारी और ग्रामीण खड़े हैं।   

तऱ्हाडी और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बिबट्ये की दहशत बनी हुई है। उसे पकड़ने के लिए शहादा और शिरपूर वन विभाग की संयुक्त टीमें पिछले 10 दिनों से दिन-रात तलाश अभियान चला रही हैं, लेकिन अत्याधुनिक उपकरणों और पिंजरों का जाल बिछाने के बावजूद बिबट्या अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। लगातार हुलकावणी दे रहे बिबट्ये से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भय का माहौल है।

बिबट्ये को तत्काल पकड़ने के लिए शहादा वन विभाग के 15 कर्मचारियों का विशेष दल तैनात किया गया है। संभावित गतिविधियों वाले स्थानों पर 10 हाईटेक ट्रैप कैमरे और 10 पिंजरे लगाए गए हैं। इन कैमरों और पिंजरों को बिबट्ये के संभावित आवागमन वाले मार्गों पर स्थापित कर प्रतिदिन उनकी गहन जांच की जा रही है।

बिबट्ये के भागने के रास्तों को रोकने के लिए शिरपूर वन विभाग भी अभियान में शामिल है। शिरपूर वन विभाग के 10 कर्मचारी अत्याधुनिक कैमरों और पिंजरों के साथ तलाश अभियान में जुटे हैं। दोनों विभागों के कुल 25 कर्मचारी रात के समय जंगल और खेतों के इलाकों में जोखिम उठाकर रात्रंदिन गश्त कर रहे हैं।

बिबट्ये को पिंजरे में आकर्षित करने के लिए उनमें भक्ष्य भी रखा गया है। इसके बावजूद बिबट्या पिंजरों की पकड़ में नहीं आ रहा है और वन विभाग को लगातार चकमा दे रहा है। बिबट्या अब तक जेरबंद नहीं होने से किसानों के लिए रात में फसलों को पानी देना और खेतों में काम करना बेहद जोखिमपूर्ण हो गया है। स्थिति यह है कि खेती के काम भी ठप होने की नौबत आ गई है।

वन अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने का आह्वान किया है। अधिकारियों ने कहा, "बिबट्ये को पकड़ने के लिए हमारा दल हरसंभव प्रयास कर रहा है। नागरिक घबराए बिना रात के समय अकेले खेतों में जाने से बचें। खेत में जाते समय साथ में टॉर्च और काठी रखें तथा छोटे बच्चों को सुरक्षित रखें। परिसर में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग से संपर्क करें।"

संयुक्त अभियान नंदुरबार के उपवनसंरक्षक, अक्राणी के सहायक वनसंरक्षक, शहादा वनक्षेत्रपाल, जयनगर वनपाल तथा कोंडावळ, स्वापरखेडा, दक्षिण अभणपूर और उत्तर अभणपूर के वनरक्षकों की प्रत्यक्ष निगरानी में चल रहा है। इसके साथ ही नंदुरबार समूह के मानद वन्यजीव रक्षक सागर निकुंभे और उनकी टीम, धुळे उपप्रादेशिक वनसंरक्षक नाईकवाडी, दक्षता विभाग के विभागीय वनाधिकारी सदगीर, शिरपूर के सहायक वनसंरक्षक घरटे, बोराडी-शिरपूर के वनक्षेत्रपाल और उनका पूरा स्टाफ संयुक्त तलाश अभियान में दिन-रात जुटा हुआ है।

वन विभाग के कर्मचारी और वरिष्ठ अधिकारी पूरी ताकत के साथ अभियान में लगे हैं। पिछले 10 दिनों से जारी इस संयुक्त तलाश के बीच अब पूरे तऱ्हाडी परिसर की नजर इस बात पर है कि वन विभाग को लगातार हुलकावणी दे रहा बिबट्या आखिर कब पिंजरे में जेरबंद होता है।

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