इसरो के अभ्यासदौरे के लिए कागल की बेटी श्रावणी दाभोळे का चयन, बढ़ाया जिले का मान

इस्रो के अभ्यासदौरे के लिए चुनी गई सोनाली की छात्रा श्रावणी दाभोळे ने कैसे हासिल की यह बड़ी उपलब्धि? जानिए राज्य स्तरीय परीक्षा में उसकी सफलता की पूरी कहानी।

Update: 2026-07-03 14:15 GMT

तस्वीर में सोनाली गांव की छात्रा श्रावणी युवराज दाभोळे दिखाई दे रही हैं, जिनका चयन इसरो के आगामी अभ्यासदौरे के लिए किया गया है।

कोल्हापुर: कागल तहसील के सोनाली गांव की कु. श्रावणी युवराज दाभोळे ने अपनी निरंतर योग्यता के बल पर एक और प्रतिष्ठित मुकाम हासिल किया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इस्रो) द्वारा आयोजित अभ्यासदौरे के लिए उसका चयन हुआ है, जिसके तहत उसे बेंगलुरु स्थित इस्रो केंद्र का दौरा करने का अवसर मिलेगा। इस उपलब्धि के बाद सोनाली सहित पूरे कागल तहसील में खुशी का माहौल है और उस पर अभिनंदन की वर्षा हो रही है।

वर्तमान में श्रावणी कसबा वालवे स्थित श्री नामदेवराव भोईटे माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही है। उसके शैक्षणिक सफर की शुरुआत सोनाली के विद्यामंदिर स्कूल से हुई थी। प्राथमिक शिक्षा से ही वह मेधावी छात्रा रही है और उसने विभिन्न प्रतियोगी व छात्रवृत्ति परीक्षाओं में लगातार उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। उसने पांचवीं कक्षा की छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य में नौवां स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद सातवीं की प्रज्ञाशोध परीक्षा में जिले में ग्यारहवां स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उसकी इस सफलता के पीछे विद्यामंदिर सोनाली के शिक्षक विजय पाटील व शिक्षिका अनिता कुंभार का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा है।

इसके बाद आठवीं की छात्रवृत्ति परीक्षा में श्रावणी ने राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त कर सफलता का एक और सोपान तय किया। साथ ही वह केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग छात्रवृत्ति (NMMS) परीक्षा में भी उत्तीर्ण रही है। हाल ही में संपन्न हुई 'उत्तुंगतेज इस्रो' परीक्षा में श्रावणी ने राज्य में छठा स्थान हासिल कर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, बेंगलुरु में आयोजित अभ्यासदौरे के लिए पात्रता प्राप्त की है। इस दौरे के दौरान उसे इस्रो की विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं, उपग्रह निर्माण, अंतरिक्ष विज्ञान की आधुनिक तकनीक और देश के अंतरिक्ष मिशनों की प्रत्यक्ष जानकारी लेने का अवसर प्राप्त होगा। श्रावणी की इस कामयाबी पर उसके अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन, ग्रामीणों और शिक्षा प्रेमियों द्वारा गर्व व्यक्त किया जा रहा है और भविष्य में भी उसके इसी प्रकार उच्च शैक्षणिक सफलता प्राप्त कर देशसेवा में योगदान देने की उम्मीद जताई जा रही है।

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