मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर मौत का गड्ढा: महज 12 मिनट में 15 गाड़ियां हुईं हादसे का शिकार

मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर गहरे गड्ढे और नुकीले सरियों से 12 मिनट में 15 गाड़ियां क्षतिग्रस्त। मानसून की पहली बारिश में ही खुली निर्माण की पोल, जानें पूरा मामला।

Update: 2026-07-03 13:04 GMT

तस्वीर में मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा और वहां खड़ी प्रभावित गाड़ियां दिख रही हैं।

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानसून की पहली ही बारिश ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासनिक दावों की कलई खोलकर रख दी है। हाईवे पर महालक्ष्मी के पास सड़क के बीचों-बीच बने एक गहरे और जानलेवा गड्ढे के कारण शुक्रवार को भारी अफरा-तफरी मच गई। कंक्रीट उखड़ने से गड्ढे के भीतर से लोहे के नुकीले सरिए बाहर निकल आए थे, जिसने महज 12 मिनट के भीतर 15 से अधिक तेज रफ्तार वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इन नुकीले सरियों के कारण एक के बाद एक गाड़ियों के टायर फटने से हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि इस डरावने घटनाक्रम में कोई बड़ी गाड़ी नहीं पलटी और किसी नागरिक के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन कई बड़े हादसे होते-होते टल गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना गुजरात से मुंबई आने वाली मुख्य लेन पर हुई। भारी बारिश के बीच सड़क पर पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को गहरे गड्ढे और उसमें से निकले जानलेवा सरियों का अंदाजा नहीं मिल सका। गाड़ियां जैसे ही गड्ढे के ऊपर से गुजरीं, नुकीले सरियों के चुभते ही टायर फट गए और पहिये जाम हो गए। अचानक टायर फटने से कई चालकों को बीच सड़क पर ही इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े, जिससे पीछे से आ रहे अन्य वाहन आपस में टकराने से बाल-बाल बच गए। इस घटना के कारण हाईवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

इस घटना के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी और निर्माण एजेंसियों के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों में घोर लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि पहली मानसूनी बारिश में सड़क का इस तरह उखड़ना और लोहे के सरियों का बाहर आना निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को उजागर करता है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची हाईवे पुलिस और रखरखाव टीम ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे किया और गड्ढे की मरम्मत का काम शुरू कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। यात्रियों ने अब इस जानलेवा लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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